Indian IT Sector: वर्क-फ्रॉम-ऑफिस का दौर लौटा, 26% बढ़ीं नौकरियां

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Indian IT Sector: वर्क-फ्रॉम-ऑफिस का दौर लौटा, 26% बढ़ीं नौकरियां

भारतीय IT कंपनियों में फुल-टाइम 'वर्क-फ्रॉम-ऑफिस' (WFO) नौकरियों की मांग तेजी से बढ़ रही है। सितंबर 2026 तक ऐसी नौकरियों के अवसर **92,000** के आंकड़े को पार कर गए हैं, जो साल-दर-साल **26%** की बढ़ोतरी है।

ऑफिस वापसी की बड़ी वजह क्या है?

कोरोना काल के बाद वर्क-फ्रॉम-होम का जो ट्रेंड शुरू हुआ था, अब वह तेजी से बदल रहा है। डेटा के मुताबिक, रिमोट और हाइब्रिड नौकरियों के विकल्पों में क्रमशः 21% और 7% की गिरावट आई है। इस बदलाव का सबसे बड़ा कारण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) है। जैसे-जैसे कोडिंग और रूटीन डेटा के काम AI द्वारा ऑटोमेट किए जा रहे हैं, कंपनियों का ध्यान अब जटिल और क्लाइंट-फेसिंग प्रोजेक्ट्स पर है, जहाँ आमने-सामने बैठकर काम करना ज्यादा असरदार होता है।

ट्रेनिंग और स्किलिंग पर जोर

IT फर्में अब दफ्तरों को केवल बैठने की जगह नहीं, बल्कि 'लर्निंग हब' के तौर पर देख रही हैं। कंपनियां अपने मैनेजमेंट स्ट्रक्चर को सरल बना रही हैं और नए कर्मचारियों को सीनियर लीडर्स से सीधे सीखने के लिए दफ्तर बुलाना जरूरी समझ रही हैं। साथ ही, AI अपस्किलिंग प्रोग्राम्स को भी अब ऑफिस में ही कंडक्ट किया जा रहा है ताकि कर्मचारी एक्सपर्ट्स की निगरानी में नई तकनीक सीख सकें।

सेक्टर पर दबाव और मार्केट का मिजाज

यह सब ऐसे समय पर हो रहा है जब IT सेक्टर पहले से ही दबाव में है। साल 2026 में Nifty IT इंडेक्स अपने हालिया हाई से करीब 25-30% नीचे फिसल चुका है। अमेरिका में ब्याज दरों में बढ़ोतरी और महंगाई की चिंता ने निवेशकों के सेंटीमेंट को कमजोर किया है। अब बाजार इस बात पर नजर रखे हुए है कि क्या ऑफिस लौटने की यह कवायद कंपनियों की ऑपरेशनल एफिशिएंसी को बढ़ा पाएगी या फिर टैलेंट रिटेंशन (कर्मचारियों को रोकने) की चुनौती सेक्टर के मार्जिन्स पर असर डालेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.