IT सेक्टर में बूम? TCS ने की धमाकेदार हायरिंग, Infosys, HCLTech, Wipro पर नजर

TECHNOLOGY
Whalesbook Logo
AuthorAditya Rao|Published at:
IT सेक्टर में बूम? TCS ने की धमाकेदार हायरिंग, Infosys, HCLTech, Wipro पर नजर

भारतीय IT सेक्टर में हायरिंग का दौर एक बार फिर रफ्तार पकड़ता दिख रहा है। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1 FY27) में **9,000** से ज़्यादा नए कर्मचारियों को नौकरी दी है। यह पिछले चार सालों में TCS की सबसे बड़ी तिमाही हायरिंग है। अब निवेशक Infosys, HCLTech और Wipro जैसी कंपनियों की हायरिंग योजनाओं पर बारीकी से नजर रख रहे हैं, ताकि यह समझा जा सके कि क्या यह ट्रेंड पूरे IT सेक्टर में फैलेगा।

IT सेक्टर में वापसी के संकेत

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) की तरफ से मिली मजबूत हायरिंग की खबर भारतीय IT सेक्टर के लिए अच्छे संकेत दे रही है। Q1 FY27 में TCS ने 9,000 से ज्यादा लोगों को नौकरी पर रखा है। यह दिखाता है कि कंपनियां अब डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन प्रोजेक्ट्स में बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डोमेन स्पेशलिस्ट जैसे हुनर वाले प्रोफेशनल्स को हायर करने पर फोकस कर रही हैं।

Infosys और भविष्य की योजनाएं

Infosys पर निवेशकों की खास नजर है, क्योंकि कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 20,000 फ्रेशर्स को नौकरी पर रखने का लक्ष्य रखा है। यह कदम Infosys के लिए पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही (Q4 FY26) में 8,440 कर्मचारियों की नेट कमी के बाद आया है। हालांकि, कंपनी ने टैलेंट मैनेजमेंट में सफलता हासिल की है, क्योंकि मार्च 2026 को समाप्त हुए साल में वॉलंटरी एट्रीशन (स्वैच्छिक इस्तीफे की दर) घटकर 12.6% रह गई। अब सवाल यह है कि क्या Infosys वैश्विक क्लाइंट्स की बदलती मांग के बीच अपने इस बड़े हायरिंग लक्ष्य को बनाए रख पाएगी।

HCLTech और Wipro की रणनीति

TCS की स्पष्ट ग्रोथ रणनीति के विपरीत, HCLTech और Wipro ज़्यादा सावधानी से कदम उठा रहे हैं। HCLTech, जिसके पास FY26 के अंत तक 2,27,181 कर्मचारी थे, ने नए वित्त वर्ष के लिए कोई खास हायरिंग गाइडेंस नहीं दी है। मार्च 2026 तिमाही में कंपनी ने 1,712 फ्रेशर्स को जोड़ा था, जो कि एक स्थिर लेकिन मामूली ग्रोथ दर्शाता है। वहीं, Wipro ने Q4 FY26 में 136 कर्मचारियों की नेट बढ़ोतरी के साथ अपनी कुल हेडकाउंट 2,42,156 तक पहुंचाई है। मार्च 2026 में कंपनी-व्यापी वेज हाइक (वेतन वृद्धि) के बाद Wipro किस तरह अपने खर्चों को मैनेज करता है, यह देखना अहम होगा, क्योंकि इसका असर आने वाली तिमाहियों के ऑपरेटिंग मार्जिन पर पड़ सकता है।

FY27 के लिए निवेशकों के लिए अहम बातें

अलग-अलग हायरिंग स्ट्रेटेजी IT सेक्टर में रिकवरी की असमान तस्वीर पेश करती है। जहां TCS अपनी क्षमता बढ़ा रहा है, वहीं दूसरी कंपनियां कर्मचारियों की संख्या को मैनेज करने और खर्चों को कंट्रोल करने के बीच संतुलन बना रही हैं। वैश्विक ग्राहकों की तरफ से होने वाले खर्च की गति, एट्रीशन रेट को बनाए रखने की क्षमता और वेज इन्फ्लेशन का ऑपरेटिंग मार्जिन पर असर, ये कुछ ऐसे मुख्य फैक्टर हैं जो इन कंपनियों के प्रॉफिट और ग्रोथ को तय करेंगे। निवेशक यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि आने वाले तिमाही नतीजों में कंपनियां हायरिंग के कौन से आंकड़े पेश करती हैं और क्या IT सेक्टर में यह हायरिंग का ट्रेंड टिकाऊ रहेगा या कंपनियां अभी भी हेडकाउंट ग्रोथ से ज़्यादा एफिशिएंसी पर फोकस करेंगी।

Disclaimer:This article is published for informational purposes only. While reasonable efforts are made to ensure accuracy, completeness, and timeliness, readers are encouraged to independently verify information before making any decisions based on the content. The views and information presented are subject to editorial review and may be updated without notice.