Indian IT Firms: अब AI टैलेंट पर फोकस, बंपर हायरिंग पर लगाम!

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Indian IT Firms: अब AI टैलेंट पर फोकस, बंपर हायरिंग पर लगाम!

भारत की बड़ी IT कंपनियां अब बड़े पैमाने पर भर्ती करने के बजाय AI और डिजिटल स्किल्स वाले प्रोफेशनल्स को प्राथमिकता दे रही हैं। यह बदलाव प्रोडक्टिविटी और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए एक रणनीतिक कदम है, जिससे फ्रेश ग्रेजुएट्स और अनुभवी पेशेवरों की भर्ती में अधिक सलेक्शन हो रहा है।

हायरिंग की बदली रणनीति

भारतीय IT सेक्टर में प्रतिभा प्रबंधन (Talent Management) के तरीके में बड़ा बदलाव आया है। जैसे-जैसे कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और एजेंटिक AI को अपने कामकाज में शामिल कर रही हैं, भारी संख्या में कर्मचारियों की भर्ती का दौर अब प्रोडक्टिविटी और खास स्किल्स पर फोकस करने से बदल रहा है। यह बदलाव कैंपस और लेटरल हायरिंग, दोनों स्तरों पर भर्ती को प्रभावित कर रहा है।

कंपनियां अब ऐसे कैंडिडेट्स को प्राथमिकता दे रही हैं जिनके पास डिजिटल और AI-नेटिव स्किल्स हों। उदाहरण के लिए, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में 14,000 फ्रेश ग्रेजुएट्स को हायर किया। कंपनी का मैनेजमेंट इस बात पर जोर दे रहा है कि इन नए रिक्रूट्स को AI-नेटिव वर्कफ़्लोज़ के लिए तैयार किया जाएगा और गैप को भरने के लिए उन्हें ट्रेनिंग दी जाएगी। इसी तरह, इंफोसिस (Infosys) अपने नए कर्मचारियों को फैब्रिक (Fabric) और टोपाज (Topaz) जैसे प्लेटफॉर्म्स के जरिए ट्रेनिंग देने पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जबकि उनके 50% से अधिक लेटरल हायरिंग में नेक्स्ट-जेनरेशन स्किल्स वाले लोग शामिल हैं।

प्रोडक्टिविटी पर बड़ा जोर

इंडस्ट्री अब रेवेन्यू ग्रोथ को कर्मचारियों की संख्या से अलग कर रही है। AI का इस्तेमाल करके रूटीन कामों को ऑटोमेट करके, कंपनियां ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ाने का लक्ष्य रख रही हैं। उदाहरण के लिए, टेक महिंद्रा (Tech Mahindra) ने FY27 की पहली तिमाही में परफॉर्मेंस में बढ़ोतरी देखी, भले ही IT सर्विसेज में कर्मचारियों की संख्या पिछले साल की तुलना में घटी हो। यह दर्शाता है कि प्रोडक्टिविटी में बढ़त कंपनियों को सिर्फ हायरिंग या बैकफ़िलिंग पर निर्भर रहने के बजाय मौजूदा स्टाफ का बेहतर इस्तेमाल करने में मदद कर रही है।

खास रोल्स की डिमांड में उछाल

इंडस्ट्री के आंकड़े बताते हैं कि खास रोल्स (Niche Roles) की डिमांड लगातार बढ़ रही है। एक्सपर्ट्स ने साइबर सिक्योरिटी, क्लाउड आर्किटेक्चर और AI/ML इंजीनियरिंग में एक्सपर्ट्स की डिमांड में 12-15% तिमाही-दर-तिमाही बढ़ोतरी देखी है। यह जरूरत खास तौर पर बैंकिंग, हेल्थकेयर और मैन्युफैक्चरिंग जैसे सेक्टर्स में ज्यादा है। इसके अलावा, कंपनियां अपनी विशेषज्ञता को तेजी से बढ़ाने के लिए एक्वीजीशन (Acquisitions) का भी सहारा ले रही हैं। उदाहरण के लिए, विप्रो (Wipro) ने माइंडस्प्रिंट (Mindsprint) को एक्वायर करके अपनी क्षमताओं और कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई है, जो डोमेन-स्पेसिफिक टैलेंट हासिल करने की एक इनऑर्गेनिक ग्रोथ स्ट्रेटेजी को दर्शाता है।

निवेशकों के लिए फ्यूचर ट्रेंड्स

निवेशकों के लिए, सबसे महत्वपूर्ण बात यह देखनी होगी कि ये कंपनियां अपने मार्जिन से समझौता किए बिना अपने वर्कफ़ोर्स को कितनी प्रभावी ढंग से ट्रांजिशन कर पाती हैं। जैसे-जैसे पारंपरिक मेंटेनेंस रोल्स में ग्रोथ धीमी हो रही है, जो कंपनियां अपने मौजूदा कर्मचारियों को सफलतापूर्वक री-ट्रेन कर पाती हैं या हाई-वैल्यू टैलेंट एक्वायर कर पाती हैं, वे कंपटीटिव एज बनाए रखेंगी। निवेशक भविष्य के तिमाही नतीजों पर नजर रख सकते हैं कि AI-संचालित प्रोडक्टिविटी पर फोकस से प्रॉफिट मार्जिन में सुधार होता है या नहीं, और क्या कंपनियां एडवांस टेक्निकल टैलेंट में अपने निवेश को सही ठहराने वाले हाई-वैल्यू कॉन्ट्रैक्ट्स हासिल करना जारी रख पाती हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.