Emkay Research के मुताबिक, भारतीय फिनटेक कंपनियां फिलहाल एआई (AI) का इस्तेमाल सिर्फ खर्च घटाने के लिए कर रही हैं। एआई प्रोडक्ट्स से बड़ी कमाई के लिए निवेशकों को कम से कम FY28 तक का इंतजार करना पड़ सकता है।
भारतीय फिनटेक इंडस्ट्री में इन दिनों आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई का शोर सबसे ज्यादा है, लेकिन Emkay Research की हालिया रिपोर्ट ने साफ कर दिया है कि इसका असर दिखने में अभी काफी समय लगेगा। ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 के 32% सेशन सिर्फ एआई पर केंद्रित थे, फिर भी अभी तक किसी भी कंपनी ने एआई प्रोडक्ट्स से होने वाली किसी ठोस कमाई का ऐलान नहीं किया है। Emkay का स्पष्ट मानना है कि एआई से होने वाली बड़ी इनकम FY28 से पहले आने की संभावना बेहद कम है।
कमाई नहीं, लागत कम करने पर जोर
फिलहाल कंपनियां एआई का इस्तेमाल नए रेवेन्यू चैनल बनाने के बजाय अपने अंदरूनी काम को बेहतर बनाने में कर रही हैं। एआई के जरिए सर्विसिंग की लागत कम करने, कस्टमर सपोर्ट को तेज करने और टेक्नोलॉजी को आसान बनाने का काम चल रहा है। ये बदलाव कंपनी के मार्जिन और मुनाफे के लिए तो अच्छे हैं, लेकिन इनसे तत्काल रेवेन्यू ग्रोथ की उम्मीद नहीं की जा सकती। निवेशकों को यह अंतर समझना होगा कि मौजूदा एआई निवेश का लक्ष्य अभी सिर्फ 'दक्षता' (Efficiency) बढ़ाना है।
मार्केट में इनोवेशन और रेगुलेटरी चुनौतियां
Paytm, Razorpay, Pine Labs और PhonePe जैसी बड़ी कंपनियां एआई-पावर्ड प्लेटफॉर्म्स पर काम कर रही हैं। इनमें फ्रॉड डिटेक्शन, मार्केटिंग टूल्स और एजेंटिक पेमेंट्स जैसी आधुनिक तकनीकें शामिल हैं। हालांकि, इन प्रोडक्ट्स के सामने सबसे बड़ी बाधा 'ह्यूमन ओवरसाइट' है। कई एआई सिस्टम अभी भी इंसानी वेरिफिकेशन पर निर्भर हैं क्योंकि 'Unified Agent Protocol' अभी अंतिम रूप नहीं ले सका है। रेगुलेटरी फ्रेमवर्क के विकसित होने तक पूरी तरह से ऑटोनॉमस पेमेंट सिस्टम का आना एक चुनौती बनी हुई है।
FY27 में निवेशकों के लिए क्या है खास?
FY27 के लिए मार्केट का नैरेटिव 'हाईप' से हटकर 'एग्जीक्यूशन' पर शिफ्ट हो रहा है। निवेशकों को यह देखना चाहिए कि कंपनियां एआई के जरिए अपने खर्चों को कितना घटा पा रही हैं और ग्राहकों को बनाए रखने (User Retention) में कितनी सफल हो रही हैं। डेटा को मुनाफे में बदलने की क्षमता ही तय करेगी कि भविष्य में कौन सी कंपनी इस टेक्नोलॉजी रेस में सबसे आगे निकलेगी।
