IndiaMart InterMesh के शेयरों में आज **5%** से ज़्यादा की गिरावट दर्ज की गई। कंपनी के पहली तिमाही के नतीजों के बाद निवेशकों की चिंता बढ़ी है, क्योंकि लगातार तीसरे क्वार्टर में कंपनी के पेड सप्लायर्स (paid suppliers) की संख्या में कमी आई है। हालांकि, कंपनी ने मुनाफे में **12.2%** की बढ़ोतरी दर्ज की है, लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि सब्सक्राइबर्स का कम होना भविष्य में रेवेन्यू ग्रोथ के लिए दबाव बना सकता है।
Detailed Coverage
Q1 में कंपनी का प्रदर्शन और मार्जिन ट्रेंड
IndiaMart ने जून तिमाही के लिए ₹172 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 12.2% ज़्यादा है। कंपनी के रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस (revenue from operations) में भी 11.4% की बढ़ोतरी हुई और यह ₹414.4 करोड़ तक पहुंच गया।
हालांकि, ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन (EBITDA margin) में थोड़ी गिरावट आई है, जो पिछले साल के 36% से घटकर इस तिमाही में 35% हो गया है। मार्जिन में यह गिरावट बताती है कि कंपनी का बिजनेस तो बढ़ रहा है, लेकिन उसके मार्केटप्लेस को चलाने की लागत भी बढ़ रही है।
सब्सक्राइबर घटने का असर
निवेशकों की चिंता का मुख्य कारण पेड सप्लायर्स (paid suppliers) की संख्या में आई कमी है। यह लगातार तीसरा क्वार्टर है जब पेड सब्सक्राइबर्स की संख्या पिछली तिमाही की तुलना में कम हुई है। एक सब्सक्रिप्शन-आधारित B2B मार्केटप्लेस मॉडल में, पेड यूजर्स की कुल संख्या कंपनी की लॉन्ग-टर्म स्थिरता और भविष्य की कमाई की क्षमता का एक महत्वपूर्ण संकेतक होती है। जब यह संख्या लगातार घटती है, तो यह कंपनी की मौजूदा ग्राहकों को बनाए रखने या नए ग्राहकों को जोड़ने की क्षमता पर सवाल खड़े करता है।
ब्रोकरेज फर्मों की राय और आगे क्या देखें?
ग्लोबल ब्रोकरेज फर्मों ने इस ट्रेंड को लेकर सावधानी जताई है। जेफरीज (Jefferies) ने अपनी हालिया रिपोर्ट में 'अंडरपरफॉर्म' (underperform) रेटिंग बरकरार रखी है, और सब्सक्राइबर की लगातार कमी को एक बड़ा नकारात्मक कारक बताया है। उन्होंने आने वाले फाइनेंशियल ईयर्स के लिए अर्निंग्स पर शेयर (earnings per share) का अनुमान भी घटा दिया है। इसी तरह, नोमुरा (Nomura) ने 'रिड्यूस' (reduce) रेटिंग बनाए रखी है, उनका मानना है कि कंपनी को इस गिरावट को रोकने और प्लेटफॉर्म पर अधिक यूजर्स को आकर्षित करने के लिए महत्वपूर्ण प्रोडक्ट इनोवेशन (product innovation) की जरूरत है।
ये फर्म इस बात पर बारीकी से नजर रख रही हैं कि क्या IndiaMart नए वैल्यू-एडेड सर्विसेज (value-added services) या प्लेटफॉर्म में सुधार लाकर इस ट्रेंड को उलट सकती है। निवेशकों के लिए, आने वाली तिमाहियों में सबसे महत्वपूर्ण बात पेड सप्लायर की संख्या में होने वाला बदलाव होगा। अगर यह गिरावट जारी रहती है, तो यह गहरी प्रतिस्पर्धी दबाव या उसके मौजूदा टारगेट मार्केट में संतृप्ति का संकेत दे सकता है, जबकि इस मेट्रिक में सुधार कंपनी की ग्रोथ स्ट्रेटेजी (growth strategy) के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जाएगा।
