IndiaMART Share: निवेशकों को बड़ी सौगात! पहली तिमाही में **12%** बढ़ा मुनाफा, अब फाइनेंस सेक्टर में एंट्री

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AuthorAditya Rao|Published at:
IndiaMART Share: निवेशकों को बड़ी सौगात! पहली तिमाही में **12%** बढ़ा मुनाफा, अब फाइनेंस सेक्टर में एंट्री

IndiaMART InterMESH ने पहली तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे जारी किए हैं, जिसमें कंपनी के नेट प्रॉफिट में **12%** की शानदार बढ़ोतरी हुई है। मुनाफा बढ़कर **₹172.2 करोड़** हो गया है। रेवेन्यू भी **11%** बढ़ा है, जिसका मुख्य कारण सप्लायर से बेहतर वसूली और कलेक्शन में सुधार है। साथ ही, कंपनी ने अपने प्लेटफॉर्म को और मजबूत बनाने के लिए फाइनेंसियल सर्विसेज सेक्टर में उतरने की भी घोषणा की है।

Detailed Coverage

IndiaMART के तिमाही नतीजे

IndiaMART InterMESH, जो इंडिया के सबसे बड़े B2B मार्केटप्लेस को ऑपरेट करती है, ने 30 जून, 2026 को समाप्त तिमाही के लिए ₹172.2 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। यह पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 12.18% की बढ़ोतरी है। कंपनी के रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस में भी अच्छी बढ़त देखी गई, जो 11.37% बढ़कर ₹414.4 करोड़ हो गया, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में यह ₹372.1 करोड़ था।

कलेक्शन और रेवेन्यू में उछाल

पहली तिमाही में कंपनी का फाइनेंशियल परफॉरमेंस ग्राहकों से हुई कलेक्शन में लगातार ग्रोथ से मजबूत हुआ, जो ग्रुप भर में ₹463 करोड़ तक पहुंच गया। इस आंकड़े में मुख्य IndiaMART बिजनेस से ₹402 करोड़ और इसकी सब्सिडियरी Busy Infotech से ₹59 करोड़ शामिल हैं। भविष्य के रेवेन्यू का एक अहम इंडिकेटर, डिफर्ड रेवेन्यू (deferred revenue), पिछले साल की तुलना में 16% बढ़कर ₹2,014 करोड़ हो गया, जो कंपनी की सब्सक्रिप्शन-बेस्ड सर्विसेज की मजबूत डिमांड को दर्शाता है।

फाइनेंसियल सर्विसेज में नई शुरुआत

अपने बिजनेस यूजर्स के साथ संबंधों को और गहरा करने के लिए, IndiaMART को एक पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी, IndiaMART Finance Ltd. को शामिल करने की मंजूरी मिल गई है। इस नई इकाई को प्लेटफॉर्म पर पहले से मौजूद व्यवसायों के लिए वर्किंग कैपिटल लोन और अन्य फाइनेंसियल सॉल्यूशंस ऑफर करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। फाइनेंसियल सर्विसेज को इंटीग्रेट करके, कंपनी सिर्फ एक लिस्टिंग मॉडल से आगे बढ़कर अपने सेलर्स और बायर्स को ज्यादा व्यापक सपोर्ट प्रदान करने का लक्ष्य रखती है। इस कदम से यूजर रिटेंशन (user retention) में सुधार की उम्मीद है, हालांकि इस पहल की सफलता रेगुलेटरी अप्रूवल (regulatory approvals) और प्रतिस्पर्धी फाइनेंसियल सर्विसेज मार्केट में क्रेडिट रिस्क (credit risk) को प्रभावी ढंग से मैनेज करने की कंपनी की क्षमता पर निर्भर करेगी।

ऑपरेशनल हेल्थ और टेक्नोलॉजी पर फोकस

IndiaMART अपनी मजबूत लिक्विडिटी पोजीशन (liquidity position) बनाए हुए है, 30 जून, 2026 तक ₹3,553 करोड़ की कैश और इन्वेस्टमेंट्स रिपोर्ट की गई है। कंपनी ने तिमाही के दौरान अपने ऑपरेशंस से ₹163 करोड़ का कैश जेनरेट किया। मैनेजमेंट ने कैटलॉगिंग को ऑटोमेट (automate) करने और खरीदारों व विक्रेताओं के बीच बेहतर मैचमेकिंग (matchmaking) के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़े हुए उपयोग पर जोर दिया है, जिसका उद्देश्य प्लेटफॉर्म की एफिशिएंसी (efficiency) को बढ़ाना है।

निवेशक इस नए फाइनेंसियल सर्विसेज बिजनेस के विकास पर नजर रख सकते हैं, खासकर कंपनी इस वेंचर में कितना कैपिटल (capital) लगाने का इरादा रखती है। हालांकि कोर मार्केटप्लेस मॉडल अभी भी रेवेन्यू का मुख्य जरिया है, लेकिन लेंडिंग सर्विसेज (lending services) का इंटीग्रेशन कैपिटल एलोकेशन (capital allocation) में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत देता है। कंपनी की क्षमता, मौजूदा मार्जिन्स (margins) को बनाए रखते हुए और संभावित रेगुलेटरी कंप्लायंस (regulatory compliance) आवश्यकताओं को मैनेज करते हुए इस नए बिजनेस को स्केल करने की, अगले कुछ तिमाहियों में शेयरधारकों के लिए एक महत्वपूर्ण फैक्टर होगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.