IndiaMART InterMESH ने अपने बिज़नेस में बड़ी तकनीक का तड़का लगाया है। कंपनी अब अपने 20 कोर फंक्शन्स में AI का इस्तेमाल कर रही है ताकि B2B मार्केट में अपनी पकड़ मजबूत की जा सके। हालांकि, कंपनी का मुनाफा **9.8%** बढ़कर **₹90.8 करोड़** रहा, लेकिन मैनेजमेंट ने AI के बढ़ते असर को लेकर बाजार में अस्थिरता की चेतावनी भी दी है।
तकनीक के दम पर मजबूती
कंपनी ने अपने ऑपरेशंस को आधुनिक बनाने के लिए खुद के मॉडल्स बनाने के बजाय मौजूदा थर्ड-पार्टी टेक्नोलॉजी जैसे Gemini, Claude और ChatGPT को अपनाया है। इसका असर काम की गति पर दिख रहा है, जहां कंपनी के AI वॉइस एजेंट्स रोजाना 1,00,000 तक खरीदारों के साथ बातचीत कर रहे हैं और सेल्स लीड्स जेनरेट कर रहे हैं।
रिस्क और चुनौतियां
कंपनी के CEO दिनेश अग्रवाल ने अगले 4 सालों के लिए सतर्क रहने की सलाह दी है। उनका मानना है कि AI टूल्स तक सभी की पहुंच आसान होने से कॉम्पिटिशन बढ़ सकता है। यह तकनीक एक 'डिफेंसिव' हथियार के तौर पर इस्तेमाल की जा रही है ताकि मौजूदा मार्केट शेयर को सुरक्षित रखा जा सके।
फाइनेंशियल सेहत
सितंबर 2026 को समाप्त हुई दूसरी तिमाही में, इंडियामार्ट का रेवेन्यू ₹429 करोड़ रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 9.7% अधिक है। वहीं, नेट प्रॉफिट ₹90.8 करोड़ रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि में ₹82.7 करोड़ था। कंपनी का कंसोलिडेटेड कलेक्शन भी 9% की सालाना ग्रोथ के साथ ₹443 करोड़ पर पहुंच गया है।
बिज़नेस मॉडल की रणनीति
इंडियामार्ट अब सिर्फ एक लीड-जेनरेशन प्लेटफॉर्म नहीं बने रहना चाहता। कंपनी ने BUSY और Livekeeping जैसे एकाउंटिंग और CRM टूल्स को अपने इकोसिस्टम में जोड़ा है। मकसद साफ है—सप्लायर्स को ऐसे प्लेटफॉर्म से बांधना जहां वे अपने रोज़मर्रा के बिज़नेस ऑपरेशंस भी मैनेज कर सकें, ताकि प्लेटफॉर्म की उपयोगिता बनी रहे।
