सरकार ने 'Semicon India 2026' में सेमीकंडक्टर मिशन के दूसरे चरण का ऐलान कर दिया है। **₹1.27 लाख करोड़** के निवेश से **200** नई चिप डिजाइन फर्मों को बढ़ावा दिया जाएगा और **1 लाख** टेक्नीशियनों को तैयार किया जाएगा। इस खबर के बाद Kaynes Technology और MosChip जैसे शेयरों में **10%** तक का उछाल देखा गया।
भारत सरकार ने 17 सितंबर, 2026 को नई दिल्ली में 'Semicon India 2026' का उद्घाटन करते हुए बहुप्रतीक्षित 'Semicon 2.0' का रोडमैप पेश किया। ₹1.27 लाख करोड़ के कुल वित्तीय परिव्यय के साथ, सरकार ने अब केवल फैब्रिकेशन (Fabrication) के बजाय एक पूरे इकोसिस्टम को खड़ा करने पर जोर दिया है। इस नई नीति में चिप डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग इक्विपमेंट, मटेरियल और रिसर्च एंड डेवलपमेंट जैसे 6 मुख्य स्तंभों पर ध्यान केंद्रित किया गया है, जिसका लक्ष्य 2032 तक देश को आत्मनिर्भर बनाना है।
बाजार में जोश
इस सरकारी घोषणा का असर शेयर बाजार पर तुरंत दिखा। सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी कंपनियों जैसे Kaynes Technology, Syrma SGS Technology और MosChip Technologies के शेयरों में 10% तक की शानदार तेजी दर्ज की गई।
मील का पत्थर और चुनौतियां
रोडमैप के अनुसार, 2026 के अंत तक 4 सेमीकंडक्टर प्लांट चालू हो जाएंगे, जबकि 2027 में 2 और प्लांट शुरू होंगे। धलेरा का फ्लैगशिप प्रोजेक्ट 2028 तक पूरी तरह ऑपरेशनल होने की उम्मीद है। हालांकि, इतने बड़े स्तर पर मैन्युफैक्चरिंग हब बनाना आसान नहीं है। कंपनियों पर कर्ज का बोझ बढ़ने की आशंका है और ताइवान व दक्षिण कोरिया जैसे देशों से कड़ी प्रतिस्पर्धा भी बनी रहेगी। आने वाले समय में बाजार की नजर इस पर होगी कि कैसे 200 स्टार्टअप्स का लक्ष्य पूरा होता है और कितनी तेजी से नई मैन्युफैक्चरिंग इकाइयां काम करना शुरू करती हैं।
