E-Commerce Rules: अब नहीं चलेगा फर्जी डिस्काउंट का खेल, 1 जनवरी 2027 से बदलेंगे नियम

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AuthorNeha Patil|Published at:
E-Commerce Rules: अब नहीं चलेगा फर्जी डिस्काउंट का खेल, 1 जनवरी 2027 से बदलेंगे नियम

1 जनवरी 2027 से ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स के लिए नए सरकारी नियम लागू हो रहे हैं। अब कंपनियों को पिछले 30 दिनों की सबसे कम कीमत डिस्काउंट के साथ दिखानी होगी, ताकि ग्राहकों को गुमराह न किया जा सके।

भारत सरकार ने कंज्यूमर प्रोटेक्शन (ई-कॉमर्स) अमेंडमेंट रूल्स, 2026 को अंतिम रूप दे दिया है। यह कदम तब उठाया गया है जब साल 2025 में नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन पर आई 17.7 लाख शिकायतों में से लगभग 29% ई-कॉमर्स सेक्टर से जुड़ी थीं।\n\n### डिस्काउंट के विज्ञापनों पर लगाम\n\nअब कंपनियों को 'प्रायोर प्राइस' (Prior Price) दिखाना अनिवार्य होगा, जिसका मतलब है कि डिस्काउंट की घोषणा से पहले के 30 दिनों में वह उत्पाद सबसे कम किस कीमत पर उपलब्ध था। इससे सेल के दौरान कीमतों को कृत्रिम रूप से बढ़ाकर दिखाने वाली प्रथा पर रोक लगेगी। निवेशकों के लिए यह महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे कंपनियों के एग्रेसिव मार्केटिंग मॉडल और कन्वर्जन रेट्स पर असर पड़ सकता है।\n\n### सर्च रैंकिंग और स्पॉन्सर्ड लिस्टिंग\n\nसरकार ने सर्च रैंकिंग के साथ छेड़छाड़ करने पर भी रोक लगा दी है। अब कंपनियों को यह स्पष्ट करना होगा कि कौन सा प्रोडक्ट स्पॉन्सर्ड है और कौन सा ऑर्गेनिक सर्च का हिस्सा है। इस पारदर्शिता से पेड प्लेसमेंट रेवेन्यू मॉडल प्रभावित हो सकते हैं।\n\n### कंप्लायंस और ग्रेविएंस रिड्रेसल\n\nसभी ई-कॉमर्स कंपनियों को अब अपने ग्रेविएंस रिड्रेसल सिस्टम को नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन के साथ जोड़ना होगा। इसके अलावा, 2023 की डार्क पैटर्न गाइडलाइंस का पालन करना और हर साल सेल्फ-ऑडिट करके कंप्लायंस सर्टिफिकेट दिखाना जरूरी होगा। आने वाले समय में कंपनियों के लिए सिस्टम अपडेट करने और कस्टमर सपोर्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर पर लागत बढ़ने की संभावना है, जिस पर मार्केट की नजर रहेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.