Semiconductor Sector: AI के दम पर चमकेगी भारत की किस्मत, 2027 के लिए बना बड़ा रोडमैप

TECHNOLOGY
Whalesbook Logo
AuthorAditya Rao|Published at:
Semiconductor Sector: AI के दम पर चमकेगी भारत की किस्मत, 2027 के लिए बना बड़ा रोडमैप

Invest India की CEO निवृत्ति राय ने 'Semicon India 2026' में बड़ा ऐलान किया है। अब भारत का फोकस बेसिक असेंबली से हटकर 'AI प्लस मेमोरी सुपरसाइकिल' और एडवांस्ड पैकेजिंग पर शिफ्ट हो रहा है। ग्लोबल चिप मार्केट के **$2 ट्रिलियन** के लक्ष्य को देखते हुए, निवेशक अब डोमेस्टिक कंपनियों की नई रणनीतियों पर नजर रख रहे हैं।

हाई-वैल्यू चिप्स की ओर कदम

Invest India की CEO निवृत्ति राय ने साफ कर दिया है कि अब भारत केवल बेसिक चिप असेंबली तक सीमित नहीं रहेगा। 2027 तक ग्लोबल सेमीकंडक्टर मार्केट $2 ट्रिलियन पहुंचने का अनुमान है, और भारत का लक्ष्य इस ग्रोथ में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाना है। अब देश का फोकस ग्लास सबस्ट्रेट्स, एडवांस्ड पैकेजिंग और स्पेशलाइज्ड चिप मैटेरियल्स पर है, जो AI डेटा सेंटर्स में इस्तेमाल होने वाले हाई-एंड GPUs के लिए अनिवार्य हैं।

डोमेस्टिक कंपनियों के लिए चुनौतियां और मौके

भारत का लक्ष्य कम से कम 2 ऐसी स्थानीय डिजाइन कंपनियां तैयार करना है जिनका एनुअल रेवेन्यू $1 बिलियन से ज्यादा हो। ओडिशा में $2.2 बिलियन का निवेश करने वाली 3DGS जैसी कंपनियों के आने से इकोसिस्टम मजबूत हो रहा है। हालांकि, निवेशकों को यह समझना होगा कि इस सेक्टर में 'एग्जीक्यूशन रिस्क' ज्यादा है। चिप प्लांट के लिए भारी बिजली सप्लाई और लगातार टेक्नोलॉजी अपग्रेड की जरूरत होती है।

निवेशकों के लिए अहम संकेत

मार्केट अब यह देख रहा है कि Tata Electronics, Kaynes Technology और CG Power जैसी बड़ी कंपनियां अपनी मौजूदा योजनाओं को कैसे जमीन पर उतारती हैं। क्या ये कंपनियां बेसिक असेंबली से आगे बढ़कर हाई-वैल्यू डिजाइन और पैकेजिंग में सफल हो पाएंगी? लंबी अवधि की सफलता इसी बात पर निर्भर करेगी कि ये कंपनियां सरकारी सब्सिडी के भरोसे रहने के बजाय खुद को ग्लोबल सप्लाई चेन में कितना फिट कर पाती हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.