India Semiconductor Mission: 2026 के अंत तक 5-6 सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट शुरू होंगे, जानें पूरी बात

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
India Semiconductor Mission: 2026 के अंत तक 5-6 सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट शुरू होंगे, जानें पूरी बात

भारत सरकार का बड़ा एलान! इलेक्ट्रॉनिक्स और IT मंत्रालय के अनुसार, 2026 के अंत तक 5 से 6 सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स कमर्शियल प्रोडक्शन के लिए तैयार हो जाएंगे। 'इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन' के तहत यह विस्तार देश में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देगा और इंपोर्ट पर निर्भरता कम करेगा।

सेमीकंडक्टर हब बनने की राह पर भारत

भारत तेजी से सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग का ग्लोबल हब बनने की ओर बढ़ रहा है। सरकार का अनुमान है कि कैलेंडर वर्ष 2026 के अंत तक 5 से 6 सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू कर देंगे। इलेक्ट्रॉनिक्स और IT मंत्रालय (MeitY) के सचिव एस. कृष्णन ने इस बात की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि 'इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन' (ISM 1.0) के तहत स्वीकृत तीन प्रोजेक्ट्स पहले से ही ऑपरेशनल हैं, और आने वाले महीनों में कई और प्रोजेक्ट्स का इनॉगरेशन होने की उम्मीद है।

यह लक्ष्य भारत की अपनी इलेक्ट्रॉनिक्स सप्लाई चेन स्थापित करने की कोशिशों का एक अहम पड़ाव है, जिससे महत्वपूर्ण टेक्नोलॉजी कंपोनेंट्स के लिए इंपोर्ट पर निर्भरता कम होगी। जमीनी स्तर पर हो रही प्रगति शुरुआती इंसेंटिव प्रोग्राम्स की प्रभावशीलता को साबित करेगी और देश की मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं में निवेशकों का विश्वास बढ़ाएगी।

सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम का विस्तार

सरकार अब ISM 2.0 के तहत अपनी रणनीति को सिंपल असेंबली से एक व्यापक इकोसिस्टम की ओर ले जा रही है। शुरुआती चरण में जहां बड़े फैब्रिकेशन प्रोजेक्ट्स को आकर्षित करने पर ध्यान था, वहीं नए चरण में चिप डिजाइन, एडवांस्ड पैकेजिंग, जरूरी मैन्युफैक्चरिंग इक्विपमेंट और रॉ मैटेरियल्स जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी सपोर्ट बढ़ाया गया है। पूरी वैल्यू चेन को कवर करके, पॉलिसी का लक्ष्य केवल असेंबली से आगे बढ़कर सिलिकॉन फोटोनिक्स और पावर सेमीकंडक्टर्स जैसे विशेष सेगमेंट में रिसर्च और डेवलपमेंट को बढ़ावा देना है।

चुनौतियां और निगरानी के बिंदु

हालांकि विस्तार की योजनाएं महत्वाकांक्षी हैं, सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री बेहद कैपिटल-इंटेंसिव है और इसमें हाई ऑपरेशनल प्रिसिजन की जरूरत होती है। नए फैब्स के लिए एग्जीक्यूशन रिस्क एक बड़ी चिंता बने हुए हैं। सेमीकंडक्टर प्लांट्स को भारी मात्रा में स्थिर बिजली, हाई-प्योरिटी वॉटर और स्पेशलाइज्ड लॉजिस्टिक्स की आवश्यकता होती है। इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थापना में किसी भी देरी से प्रोडक्शन टाइमलाइन और कॉस्ट स्ट्रक्चर बाधित हो सकते हैं।

इसके अलावा, स्किल्ड वर्कफोर्स की उपलब्धता एक महत्वपूर्ण फैक्टर है। भारत के पास सेमीकंडक्टर डिजाइन में एक मजबूत आधार है, लेकिन मैन्युफैक्चरिंग एक्सपर्टीज को बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण ट्रेनिंग एफर्ट्स की जरूरत है। इन प्रोजेक्ट्स की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि इंडस्ट्री डिजाइन-केंद्रित प्रतिभा और मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स के लिए आवश्यक हैंड्स-ऑन स्किल्स के बीच के गैप को कितनी जल्दी पाट सकती है।

आगामी इंडस्ट्री इवेंट

अब फोकस Semicon India 2026 इवेंट पर होगा, जो 17 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस इवेंट का उद्घाटन करने की उम्मीद है। इसे ग्लोबल टेक्नोलॉजी फर्म्स, सप्लायर्स और सरकारी पॉलिसीमेकर्स के लिए एक महत्वपूर्ण गैदरिंग पॉइंट के रूप में पोजिशन किया जा रहा है। इवेंट में 240 से अधिक अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों के भाग लेने की उम्मीद है, जो भारत में निवेश, टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप और सेक्टर के भविष्य पर चर्चा के लिए एक प्लेटफॉर्म प्रदान करेगा। जैसे-जैसे सरकार अगले सात से आठ वर्षों में 5-8 अतिरिक्त सेमीकंडक्टर प्लांट्स स्थापित करने के अपने व्यापक लक्ष्य की ओर काम कर रही है, इस सप्लाई चेन में शामिल कंपनियों की प्रगति और ऑर्डर बुक्स मार्केट के लिए प्रमुख डेटा पॉइंट होंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.