India Smartphone Shipments: मेमोरी चिप की महंगाई ने बढ़ाई मुश्किलें, बिक्री में 10% की गिरावट

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
India Smartphone Shipments: मेमोरी चिप की महंगाई ने बढ़ाई मुश्किलें, बिक्री में 10% की गिरावट

भारत में जून तिमाही के दौरान स्मार्टफोन की बिक्री में **10%** की भारी गिरावट दर्ज की गई है। इसका मुख्य कारण मेमोरी चिप की कीमतों में आई बेतहाशा वृद्धि है, जिसने स्मार्टफोन की औसत कीमत **15%** तक बढ़ा दी है। इस वजह से खासकर बजट सेगमेंट पर बुरा असर पड़ा है, जबकि प्रीमियम हैंडसेट की मांग स्थिर बनी हुई है।

मेमोरी चिप की महंगाई का असर

पिछले छह सालों में यह जून तिमाही के दौरान भारतीय स्मार्टफोन बाजार में सबसे बड़ी गिरावट है। कुल शिपमेंट्स में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 10% की कमी आई है। इस गिरावट की जड़ें मेमोरी कंपोनेंट्स की कीमतों में आई बेतहाशा वृद्धि है, जो सितंबर 2025 से लगभग चार गुना बढ़ चुकी हैं। मैन्युफैक्चरिंग लागत पर पड़े इस दबाव के चलते कंपनियों को अपनी बढ़ी हुई लागत का बोझ ग्राहकों पर डालना पड़ा, जिसके नतीजे में जून के अंत तक स्मार्टफोन की औसत कीमत में 15% का इजाफा हुआ।

बजट सेगमेंट पर भारी मार

सबसे ज्यादा दबाव ₹15,000 से कम कीमत वाले बजट सेगमेंट पर देखने को मिला है। इस कैटेगरी में शिपमेंट्स में 45% की भारी गिरावट आई है, क्योंकि कीमत के प्रति जागरूक ग्राहक या तो खरीदारी टाल रहे हैं या फिर पुराने, सस्ते मॉडल खरीद रहे हैं। इस गिरावट का असर खासतौर पर चीनी स्मार्टफोन ब्रांड्स पर पड़ा है, जो मास-मार्केट कैटेगरी में अपनी बड़ी वॉल्यूम पर निर्भर करते हैं। इस मांग के अंतर को पाटने के लिए, कुछ मैन्युफैक्चरर्स अब 4G हैंडसेट पर फिर से ध्यान केंद्रित कर रहे हैं ताकि मेमोरी चिप की कीमतें स्थिर होने का इंतजार करते हुए सस्ते विकल्प पेश किए जा सकें।

प्रीमियम सेगमेंट में बिखराव

जहां बजट कैटेगरी संघर्ष कर रही है, वहीं ₹45,000 से ऊपर के अल्ट्रा-प्रीमियम सेगमेंट में बिक्री स्थिर बनी हुई है। इस सेगमेंट में बिक्री को कंज्यूमर फाइनेंसिंग के व्यापक ऑप्शन्स का सहारा मिल रहा है, जिसमें कार्ड ईएमआई (EMI) और नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों (NBFCs) के लोन शामिल हैं। ये फाइनेंसिंग सॉल्यूशंस अब मेनलाइन रिटेल स्टोर्स में 50% से अधिक स्मार्टफोन की बिक्री में योगदान करते हैं, जिससे हाई-एंड खरीदार कीमतों में हुई वृद्धि के पूरे असर से बच पा रहे हैं।

ब्रांड्स का प्रदर्शन और बाजार में बदलाव

मार्केट डेटा प्रमुख खिलाड़ियों के मिले-जुले प्रदर्शन की ओर इशारा करता है। Apple ने 7% मार्केट शेयर बनाए रखते हुए शिपमेंट्स में 3% की गिरावट दर्ज की। प्रीमियम स्पेस में, Google ने अपने ऑफलाइन डिस्ट्रीब्यूशन के विस्तार और आक्रामक मार्केटिंग के समर्थन से 68% की सालाना ग्रोथ रेट दर्ज की। इसके अलावा, Nothing वॉल्यूम के मामले में सबसे तेजी से बढ़ने वाला ब्रांड बनकर उभरा है, जिसमें साल-दर-साल 105% की वृद्धि देखी गई। चिपसेट कैटेगरी में, MediaTek घरेलू बाजार में 49% शिपमेंट शेयर के साथ अपनी बढ़त बनाए हुए है।

निवेशक अगले दो तिमाहियों में कंपोनेंट प्राइसिंग ट्रेंड्स के विकास पर नजर रख सकते हैं। प्रीमियम सेगमेंट की स्थिरता और मास-मार्केट ब्रांड्स की शिपमेंट्स को रिकवर करने की क्षमता साल के दूसरे हाफ में सेक्टर के प्रदर्शन के लिए महत्वपूर्ण कारक होंगे। यदि मेमोरी चिप की लागत कम नहीं होती है, तो पूरे साल के लिए अनुमानित 13% की गिरावट बजट स्मार्टफोन कैटेगरी में अधिक एक्सपोजर वाली कंपनियों के ऑपरेटिंग मार्जिन्स पर और दबाव डाल सकती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.