India Smartphone Sales: यूनिट्स घटेंगी, पर कमाई बढ़ेगी! महंगे चिप्स और AI का कमाल

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
India Smartphone Sales: यूनिट्स घटेंगी, पर कमाई बढ़ेगी! महंगे चिप्स और AI का कमाल
Overview

अगले फाइनेंशियल ईयर (FY27) तक भारत में स्मार्टफोन की बिक्री यूनिट्स के मामले में **5-7%** तक गिर सकती है। लेकिन चिंता की बात नहीं, क्योंकि डिवाइस की बढ़ती कीमतों, खासकर मेमोरी चिप्स के महंगे होने की वजह से, मार्केट वैल्यू **8-10%** बढ़ने का अनुमान है। इससे सस्ते फोन खरीदने वालों के लिए फाइनेंसिंग ज़रूरी हो गई है और करीब **50 करोड़** लोग अभी भी स्मार्टफोन से दूर हैं।

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भारत के स्मार्टफोन मार्केट में क्या चल रहा है?

दुनिया भर में आर्थिक मंदी और लगातार बढ़ती महंगाई का असर भारत के स्मार्टफोन मार्केट पर भी दिख रहा है। अनुमान है कि मार्च 2027 तक बिकने वाले स्मार्टफोन्स की संख्या 5-7% कम हो जाएगी। हालांकि, वॉल्यूम में गिरावट के बावजूद, मार्केट की कुल वैल्यू 8-10% बढ़ने की उम्मीद है। इसका सबसे बड़ा कारण है स्मार्टफोन्स की बढ़ती कीमतें, खासकर मेमोरी चिप्स के दाम बढ़ने से मैन्युफैक्चरिंग की लागत में भारी इज़ाफ़ा हुआ है।

एंट्री-लेवल फोन हुए बेहद महंगे

स्मार्टफोन के कंपोनेंट्स की कीमत में भारी उछाल आया है। इसकी एक बड़ी वजह ग्लोबल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का बढ़ता बूम है। इस वजह से बेसिक स्मार्टफोन्स की कीमतें दोगुनी से भी ज़्यादा हो गई हैं। जो फोन पहले ₹4,000-₹5,000 में आते थे, वे अब ₹10,000-₹15,000 में बिक रहे हैं। फीचर फोन से स्मार्टफोन पर अपग्रेड करने वाले ग्राहकों के लिए यह एक बड़ी चुनौती है। ऐसे में, सस्ते फाइनेंसिंग ऑप्शन की ज़रूरत और बढ़ गई है।

नई गाइडलाइंस से आसान होगी फाइनेंसिंग?

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की स्मार्टफोन लोन डिफॉल्ट को लेकर बनाई जा रही नई गाइडलाइंस से उम्मीद जगी है। इस नए सिस्टम में ग्राहक की सहमति ज़रूरी होगी और डिफॉल्ट होने पर लेंडर्स तुरंत सर्विस बंद कर सकेंगे। इससे डिवाइस खरीदने के लिए फाइनेंसिंग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। छोटे शहरों और एंट्री-लेवल डिवाइस खरीदने वाले ग्राहकों के लिए यह खास तौर पर मददगार साबित हो सकता है, जिससे खर्च उठाने की क्षमता का अंतर कम होगा।

लाखों लोग अभी भी 'ऑफलाइन'

भारत ने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में काफी तरक्की की है, लेकिन आज भी करीब 50 करोड़ लोग स्मार्टफोन का इस्तेमाल नहीं करते। इस वजह से वे यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) जैसी डिजिटल सर्विस का लाभ नहीं उठा पाते और डिजिटल इकोनॉमी से बाहर हैं। यह भारत की 1.5 अरब की आबादी के लिए एक बड़ी असमानता है।

भारत का मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट में दमदार प्रदर्शन

भारत दुनिया में स्मार्टफोन मैन्युफैक्चरिंग के मामले में एक लीडर बन गया है। यहाँ बनने वाले मोबाइल की वैल्यू करीब $70 बिलियन है। मोबाइल एक्सपोर्ट में तो ज़बरदस्त उछाल आया है, जो 160 गुना बढ़कर ₹2.5 लाख करोड़ से ज़्यादा हो गया है। इस शानदार प्रदर्शन के दम पर भारत जल्द ही वियतनाम को पीछे छोड़ दूसरा सबसे बड़ा एक्सपोर्टर बन सकता है। डोमेस्टिक मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर ₹18,000 करोड़ से बढ़कर ₹6 लाख करोड़ से ज़्यादा का हो गया है। भले ही यूनिट सेल्स घट रही हो, लेकिन मैन्युफैक्चरिंग में इस बढ़ोतरी ने मार्केट वैल्यू बढ़ाने में बड़ा योगदान दिया है।

ग्लोबल मार्केट में कड़ी प्रतिस्पर्धा

दुनिया भर में स्मार्टफोन मार्केट में कड़ा मुकाबला है और कंपनियां लगातार नए फीचर्स ला रही हैं। कंपोनेंट की बढ़ती लागत के बीच, AI जैसे एडवांस्ड फीचर्स के लिए रिसर्च और डेवलपमेंट (R&D) में निवेश बढ़ रहा है, जिससे महंगे डिवाइसेस की डिमांड बढ़ रही है। जो कंपनियां सप्लाई चेन को अच्छे से मैनेज कर पाती हैं और आकर्षक फाइनेंसिंग ऑप्शन देती हैं, वे इस रेस में आगे रहेंगी। भले ही दुनिया भर में शिपमेंट वॉल्यूम में थोड़ी गिरावट आए, लेकिन प्रीमियम स्मार्टफोन सेगमेंट नई टेक्नोलॉजी और कुछ ग्राहकों की बढ़ती आय के कारण मजबूत बना हुआ है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.