Semiconductor Industry: भारत के सेमीकंडक्टर सेक्टर में पैसों की बारिश, Funding पहुंची **$1.4 बिलियन** के पार

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Semiconductor Industry: भारत के सेमीकंडक्टर सेक्टर में पैसों की बारिश, Funding पहुंची **$1.4 बिलियन** के पार

भारत का सेमीकंडक्टर सेक्टर अब एक नई रफ्तार पकड़ चुका है। कुल इक्विटी फंडिंग **$1.4 बिलियन** तक पहुंच गई है, जिसमें से आधी से ज्यादा रकम साल **2025** के बाद आई है। इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन **2.0** के साथ सेक्टर में जोश तो है, लेकिन निवेशकों को लंबी राह और आयात पर निर्भरता जैसे चुनौतियों का ध्यान रखना होगा।

फंडिंग में आया बड़ा उछाल

भारत का सेमीकंडक्टर उद्योग अब मजबूती से आगे बढ़ रहा है। देश की 281 कंपनियों में कुल इक्विटी फंडिंग का आंकड़ा $1.4 बिलियन के पार निकल गया है। इस निवेश की रफ्तार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कुल पूंजी का लगभग आधा हिस्सा, यानी $701 मिलियन, केवल 2025 के बाद से आया है। इस तेजी के पीछे भारत सरकार का 'इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0' है, जिसके लिए ₹1.275 ट्रिलियन का बजट तय किया गया है ताकि देश में एक मजबूत सप्लाई चेन बन सके।

बेंगलुरु बना हॉटस्पॉट

निवेश का केंद्र फिलहाल बेंगलुरु है, जिसके पास कुल फंडिंग शेयर का 40% से ज्यादा हिस्सा है। कैपिटल जुटाने के मामले में Tessolve Semiconductor सबसे आगे है, जिसने कुल $213 मिलियन की फंडिंग हासिल की है। वहीं, इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज निवेशकों की पहली पसंद बनी हुई हैं, जिसमें 2025 के बाद से $313 मिलियन का निवेश आया है। यह बदलाव साफ दिखाता है कि अब इकोसिस्टम सिर्फ डिजाइनिंग से हटकर मैन्युफैक्चरिंग और असेंबली की ओर बढ़ रहा है।

निवेशकों के लिए सबक

सेमीकंडक्टर सेक्टर में पैसा लगाने वाले निवेशकों को यह समझना होगा कि यह सॉफ्टवेयर स्टार्टअप्स से बिल्कुल अलग है। यहां आईपीओ (IPO) तक पहुंचने में औसतन 16.5 साल का लंबा वक्त लगता है। फिलहाल एक्जिट के लिए एक्विजिशन (Acquisitions) ज्यादा सफल रहा है, जहां 62 सौदे हुए हैं, जबकि आईपीओ केवल 42 ही आए हैं। यानी, यहां लिक्विडिटी के लिए स्टॉक मार्केट लिस्टिंग से ज्यादा अधिग्रहणों पर नजर रखना बेहतर है।

चुनौतियां और आगे का रास्ता

फिलहाल भारत अपनी जरूरत का 95% सेमीकंडक्टर आयात (Import) करता है। फैब्रिकेशन प्लांट्स (Fabs) का सेटअप बहुत महंगा होता है और इसके लिए बिजली व बुनियादी ढांचे जैसी बड़ी चुनौतियों को पार करना जरूरी है। अब बाजार की नजरें 17-19 सितंबर 2026 को होने वाली SEMICON India 2026 कॉन्फ्रेंस पर टिकी हैं। निवेशकों के लिए असली परीक्षा 2026 के अंत में शुरू होगी, जब कई बड़े प्रोजेक्ट्स कमर्शियल प्रोडक्शन के लेवल पर पहुंचेंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.