Intel का बड़ा खुलासा: भारत बना ग्लोबल चिप डिजाइन का हब, **20%** वर्कफोर्स अब यहीं

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AuthorAditya Rao|Published at:
Intel का बड़ा खुलासा: भारत बना ग्लोबल चिप डिजाइन का हब, **20%** वर्कफोर्स अब यहीं

सेमीकंडक्टर सेक्टर में भारत का दबदबा बढ़ गया है। Intel के मुताबिक, दुनिया भर का **20%** चिप डिजाइन और VLSI वर्कफोर्स अब भारत में है, जिसमें **85,000** से ज्यादा स्किल्ड प्रोफेशनल्स काम कर रहे हैं।

भारत अब ग्लोबल सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री का केंद्र बन गया है। Intel Corporation ने पुष्टि की है कि दुनिया की 20% VLSI और चिप डिजाइनिंग वर्कफोर्स भारत में तैनात है। देश में 85,000 से ज्यादा ऐसे एक्सपर्ट्स हैं जो डेटा सेंटर आर्किटेक्चर और कस्टम सिलिकॉन जैसे हाई-वैल्यू प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं।\n\n### शिक्षा और इंडस्ट्री का तालमेल\nदेश के 355 से ज्यादा विश्वविद्यालयों ने अपने करिकुलम को बदल दिया है। इसका नतीजा यह है कि भारत में अब तक 250 से ज्यादा लोकलाइज्ड चिप डिजाइन पूरे किए जा चुके हैं। Intel खुद भारत में पिछले 40 वर्षों से सक्रिय है और अब 'एजेंटिक एआई' और एज कंप्यूटिंग जैसे भविष्य के क्षेत्रों में काम कर रहा है।\n\n### निवेशकों के लिए क्या है संकेत?\nयह बदलाव Tata Elxsi, L&T Technology Services और HCLTech जैसी कंपनियों के बिजनेस मॉडल को बदल रहा है। ये कंपनियां अब पारंपरिक IT मेंटेनेंस के बजाय इंजीनियरिंग R&D पर फोकस कर रही हैं, जहां मार्जिन काफी बेहतर होता है।\n\n### चुनौतियां और रिस्क\nहालांकि, तेजी से बढ़ रही प्रतिभाओं के साथ 'वेज इन्फ्लेशन' (वेतन में बढ़ोतरी) का खतरा भी है, जो कंपनियों के ऑपरेटिंग मार्जिन पर दबाव डाल सकता है। साथ ही, मैन्युफैक्चरिंग यानी 'फैब्स' (fabs) का काम बहुत ज्यादा कैपिटल-इंटेंसिव है, जिसमें भारी जोखिम और लंबा समय लगता है। India Semiconductor Mission (ISM) इस दिशा में काम तो कर रहा है, लेकिन मैन्युफैक्चरिंग का पूरा इकोसिस्टम बनने में अभी वक्त लगेगा। निवेशकों को कंपनियों की प्राइसिंग पावर और टैलेंट रिटेंशन पर नजर रखनी चाहिए।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.