India Mobile Congress 2026 ने 'Viksit Tech 47' नाम की नई पहल शुरू की है। Techarc के साथ मिलकर यह प्रोग्राम **200** से ज्यादा टेक स्टार्टअप्स का ऑडिट करेगा, ताकि उन्हें ग्लोबल मार्केट में खड़ा किया जा सके।
ग्लोबल मार्केट पर है नजर
India Mobile Congress (IMC) 2026 की 10वीं एनिवर्सरी पर 'Viksit Tech 47' पहल का पर्दाफाश हुआ है। यह आयोजन 7 से 10 अक्टूबर के बीच यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर में होगा। इस प्रोग्राम के जरिए भारतीय टेक्नोलॉजी फर्म्स को सिर्फ घरेलू बाजार तक सीमित न रहकर दुनिया भर में अपनी पहचान बनाने के लिए तैयार किया जाएगा। रिसर्च फर्म Techarc के साथ साझेदारी में 200 कंपनियों का डेटा-आधारित ऑडिट किया जाएगा, ताकि उनके इंटरनेशनल वैल्यू चेन में मौजूद स्टैंडिंग का पता लगाया जा सके।
किन सेक्टर पर है फोकस?
इस पहल में खास तौर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) और सॉफ्टवेयर-एज-अ-सर्विस (SaaS) को टारगेट किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य उन स्टार्टअप्स को ढूंढना है जो भविष्य में ग्लोबल पावरहाउस बन सकते हैं। यह सरकार के 'विकसित भारत' विजन का हिस्सा है, जहां विदेशी तकनीक पर निर्भरता को कम करने पर जोर है।
'Dr. Zarabi Indigenisation Award' का ऐलान
हार्डवेयर और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए 'Dr. Zarabi Indigenisation Award for Startups' शुरू किया गया है। यह उन कंपनियों को सम्मानित करेगा जो ऐसे कंपोनेंट्स बना रही हैं, जिन्हें पहले विदेशों से मंगाना पड़ता था। इसका सीधा फायदा इलेक्ट्रॉनिक्स सप्लाई चेन को मिलेगा।
इन्वेस्टर्स के लिए क्या है खास?
आयोजकों का लक्ष्य इस बार 1.5 लाख से अधिक विजिटर्स और 100 से ज्यादा देशों की भागीदारी का है। करीब 300 एग्जिबिटर्स 1,500 से ज्यादा टेक केसेस पेश करेंगे। निवेशकों के लिए यह एक बड़ा संकेत है कि सरकार और इंडस्ट्री अब 'डिजाइन-लेड मैन्युफैक्चरिंग' पर दांव लगा रही है। जो स्टार्टअप्स इस ऑडिट में अच्छा प्रदर्शन करेंगे, वे भविष्य के हाई-ग्रोथ स्टॉक्स बन सकते हैं।
