IT Jobs India: अगस्त में दिखी सुस्त रिकवरी, 1.09 लाख नई नौकरियां

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AuthorMehul Desai|Published at:
IT Jobs India: अगस्त में दिखी सुस्त रिकवरी, 1.09 लाख नई नौकरियां

भारत के IT सेक्टर में अगस्त में 1.09 लाख नौकरियों का अनुमान है, जो जून के मुकाबले 17% की रिकवरी दिखाता है। लेकिन, क्लाइंट्स के खर्चे में सावधानी और फ्रेश ग्रेजुएट्स के लिए स्किल गैप भर्ती को धीमा कर रहा है।

IT सेक्टर में दिखी नौकरी की उम्मीद

भारत के इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT) सेक्टर में हायरिंग एक्टिविटी में थोड़ी तेजी देखने को मिली है। Xpheno के डेटा के अनुसार, IT कंपनियों में अगस्त 2026 में लगभग 1.09 लाख नौकरियां आने का अनुमान है। यह जून में दर्ज किए गए 28 महीने के निचले स्तर 93,000 नौकरियों की तुलना में 17% की बढ़ोतरी है, जिससे हायरिंग अप्रैल के स्तर के करीब पहुंच रही है।

धीमी रफ्तार और कंपनियों की सतर्कता

महीने-दर-महीने सुधार के बावजूद, रिकवरी अभी भी धीमी है। ग्लोबल इकोनॉमिक अनिश्चितता और बड़े क्लाइंट्स के खर्चे में सावधानी के कारण IT फर्म्स अभी भी सतर्कता से हायरिंग कर रही हैं। कंपनियां आक्रामक विस्तार के बजाय टारगेटेड टैलेंट पर फोकस कर रही हैं। यह ट्रेंड इंडस्ट्री लीडर्स की पिछली तिमाही की रिपोर्ट्स से भी मेल खाता है, जहां मास रिक्रूटमेंट की जगह ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ाने पर जोर दिया गया है।

फ्रेश ग्रेजुएट्स के लिए स्किल गैप की चुनौती

अनुभवी टैलेंट की डिमांड बनी हुई है, लेकिन फ्रेश ग्रेजुएट्स के लिए जॉब मार्केट में अभी भी बड़ी मुश्किलें हैं। HirePro के एक हालिया असेसमेंट से पता चलता है कि कैंडिडेट का कॉन्फिडेंस और कंपनियों की जरूरत के बीच एक बड़ा गैप है। सर्वे में शामिल सिर्फ 9% कंपनियों का मानना है कि नए ग्रेजुएट्स तुरंत योगदान देने के लिए तैयार हैं, जबकि 51% फर्म्स का कहना है कि फ्रेश हायरिंग के बाद कम से कम एक महीने की इंटेंसिव ट्रेनिंग की जरूरत पड़ती है।

यह गैप खासकर प्रैक्टिकल एप्लीकेशन की कमी के कारण है। करीब 42% कंपनियों ने कोडिंग और इंजीनियरिंग टूल्स जैसे कोर टेक्निकल एरिया में कमी बताई है। इसके अलावा, लगभग 37% एम्प्लॉयर्स ने बेहतर ओनरशिप, प्रोएक्टिवनेस और क्रिटिकल प्रॉब्लम-सॉल्विंग स्किल्स की ज़रूरत बताई है। ऐसे में, जब तक स्टूडेंट्स की स्किल्स कॉर्पोरेट उम्मीदों के मुताबिक नहीं होंगी, एंट्री-लेवल रोल्स पर ऑनबोर्डिंग धीमी रह सकती है, भले ही सेक्टर रिकवर कर रहा हो।

निवेशकों के लिए भविष्य के संकेत

IT सेक्टर के इन्वेस्टर्स आने वाली तिमाहियों में हेडकाउंट ग्रोथ और रेवेन्यू ग्रोथ के बीच तालमेल पर ध्यान दे सकते हैं। अगर कंपनियां बिना हेडकाउंट बढ़ाए रेवेन्यू ग्रोथ हासिल करती हैं (बढ़ती प्रोडक्टिविटी या नई टेक्नोलॉजी के कारण), तो इससे प्रॉफिट मार्जिन सुधर सकता है। हालांकि, स्ट्रेटेजिक कामों के लिए इन-हाउस यूनिट्स पर निर्भरता और क्लाइंट्स की तरफ से खर्चे में कमजोरी जैसे फैक्टर पर नज़र रखना महत्वपूर्ण होगा। बड़ी IT सर्विस प्रोवाइडर्स की स्किल गैप को ट्रेनिंग प्रोग्राम के जरिए भरने की क्षमता भी उनके लॉन्ग-टर्म ऑपरेशनल एफिशिएंसी और टैलेंट कॉस्ट पर असर डाल सकती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.