Quantum Communication: भारत ने रचा इतिहास, 5.5 किमी लंबी सफल ट्रायल पूरी

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AuthorMehul Desai|Published at:
Quantum Communication: भारत ने रचा इतिहास, 5.5 किमी लंबी सफल ट्रायल पूरी

भारत ने नेशनल क्वांटम मिशन (National Quantum Mission) के तहत **5.56 किलोमीटर** लंबे फ्री-स्पेस क्वांटम की डिस्ट्रीब्यूशन लिंक का सफल परीक्षण किया है। इस ट्रायल का नेतृत्व बेंगलुरु की स्टार्टअप QNu Labs ने किया, जो भविष्य में सुरक्षित संचार के लिए एक बड़ा कदम है।

ऐतिहासिक परीक्षण और तकनीक

यह परीक्षण 27 से 28 सितंबर के बीच आयोजित किया गया। QNu Labs, BISAG-N और IIT गांधीनगर की साझेदारी में किए गए इस ट्रायल में क्वांटम कीज़ (Quantum Keys) को हवा के जरिए ट्रांसमिट किया गया। यह तकनीक भविष्य में सैटेलाइट-आधारित संचार के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

परफॉरमेंस के आंकड़े

सिस्टम का प्रदर्शन काफी सटीक रहा। इसमें 'क्वांटम बिट एरर रेट' (Quantum Bit Error Rate) 5% से भी कम दर्ज किया गया। इसकी स्पीड 230 से 260 बिट्स प्रति सेकंड रही। इस पूरे सेटअप में कंपनी के 'Armos' हार्डवेयर और 'Vedic Kavach' सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया गया, जो एक डुअल-लेयर सिक्योरिटी आर्किटेक्चर प्रदान करता है।

स्टार्टअप का रिस्क और निवेश

बिजनेस के नजरिए से देखें तो QNu Labs एक प्राइवेट स्टार्टअप है और अभी शेयर बाजार में लिस्टेड नहीं है। कंपनी ने अब तक लगभग ₹350 करोड़ की फंडिंग जुटाई है। हालांकि, डीप-टेक स्टार्टअप होने के कारण कंपनी अभी मुनाफे में नहीं है। फाइनेंशियल ईयर 2025 में कंपनी ने ₹6.2 करोड़ का नेट लॉस रिपोर्ट किया है, जो भारी आरएंडडी (R&D) खर्च को दर्शाता है।

आने वाले समय में, इस तकनीक को बड़ी दूरी तक स्केल करना और चुनौतीपूर्ण वायुमंडलीय स्थितियों में स्थिरता बनाए रखना कंपनी के लिए असली इंजीनियरिंग इम्तिहान होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.