India App Market: ₹28,000 करोड़ का रिकॉर्ड पार! AI और स्ट्रीमिंग सेवाओं का जलवा

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AuthorAditya Rao|Published at:
India App Market: ₹28,000 करोड़ का रिकॉर्ड पार! AI और स्ट्रीमिंग सेवाओं का जलवा

साल 2026 की दूसरी तिमाही में भारत का मोबाइल ऐप मार्केट **$345 मिलियन** के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। यह पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में **35%** की शानदार बढ़ोतरी है। इस ग्रोथ के पीछे मुख्य वजह AI टूल्स के सब्सक्रिप्शन और वीडियो स्ट्रीमिंग सेवाएं हैं।

AI टूल्स और स्ट्रीमिंग ने बटोरी कमाई!

भारतीय मोबाइल ऐप इकोसिस्टम में डिजिटल खर्च की आदतों में बड़े बदलाव देखे जा रहे हैं। दूसरी तिमाही 2026 के आंकड़ों के मुताबिक, ऐप मार्केट ने $345 मिलियन का रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल की तुलना में 35% ज्यादा है। खास तौर पर नॉन-गेमिंग कैटेगरी से करीब $240 मिलियन का रेवेन्यू आया, जो साल-दर-साल 50% से ज्यादा की बढ़ोतरी दिखाता है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ऐप्स कमाई का बड़ा जरिया बनकर उभरे हैं। देश में AI एप्लीकेशन रेवेन्यू का लगभग 83% हिस्सा ChatGPT और Claude जैसे ऐप्स ने हासिल किया। Claude ने तो पिछले साल की तुलना में अपने रेवेन्यू में 19 गुना से ज्यादा की ग्रोथ दर्ज की है। AI टूल्स के अलावा, Amazon Prime Video और JioHotstar जैसी वीडियो स्ट्रीमिंग सेवाएं भी इस रेवेन्यू ग्रोथ में अहम भूमिका निभा रही हैं। Google One भी क्लाउड स्टोरेज सॉल्यूशंस की बढ़ती मांग को दर्शाते हुए रेवेन्यू चार्ट में टॉप पर रहा।

पेड सेवाओं की ओर बढ़ता भारत

यह बदलाव पारंपरिक 'डाउनलोड-फोक्स्ड' मॉडल से हटकर 'मोनेटाइजेशन-ओरिएंटेड' इकोनॉमी की ओर इशारा करता है। कंपनियां अब इंडिया-स्पेसिफिक प्राइसिंग स्ट्रैटेजी अपना रही हैं, जैसे फ्लेक्सिबल सब्सक्रिप्शन टियर, जिससे पेड सेवाएं ज्यादा लोगों तक पहुंच पा रही हैं। हालांकि, भारत का कुल तिमाही रेवेन्यू अभी भी जापान या अमेरिका जैसे बाजारों से कम है, लेकिन इसकी ग्रोथ रेट ब्राजील और मेक्सिको जैसी उभरती अर्थव्यवस्थाओं से तेज है। यह दिखाता है कि भारतीय डिजिटल ग्राहक अब प्रोडक्टिविटी, स्टोरेज और प्रीमियम एंटरटेनमेंट के लिए भुगतान करने में अधिक सहज हो रहे हैं।

गेमिंग और लोकल ऐप्स का प्रदर्शन

AI और एंटरटेनमेंट सेवाओं के अलावा, गेमिंग सेगमेंट ने भी अपनी जगह बनाई है। भारत के मोबाइल गेमिंग रेवेन्यू में पिछली तिमाही की तुलना में 3.7% की बढ़ोतरी के साथ $106 मिलियन से अधिक का आंकड़ा पार किया, जो गेमिंग खर्च में वैश्विक गिरावट के विपरीत है। मनोरंजन और AI के अलावा, Blinkit और Rapido जैसे लोकल सर्विस ऐप्स ने भी बड़े पैमाने पर डाउनलोड हासिल किए हैं, जो विभिन्न सेक्टर्स में डिजिटल सुविधा की बढ़ती मांग को दर्शाता है। निवेशकों को इन सब्सक्रिप्शन-आधारित मॉडलों की ग्रोथ पर नजर रखनी चाहिए, खासकर जब वैश्विक और स्थानीय सेवा प्रदाताओं के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.