boAt की पैरेंट कंपनी Imagine Marketing ने Google Cloud के साथ हाथ मिलाया है। कंपनी अब अपने Crest AI ऑडियो डिवाइसेज में Google Gemini AI को इंटीग्रेट करने जा रही है।
हाई-टेक बदलाव की तैयारी
Imagine Marketing ने अपने 'Crest AI' लाइनअप को स्मार्ट बनाने के लिए Google Cloud के साथ एक बड़ा करार किया है। इस साझेदारी का मुख्य मकसद कंपनी के हार्डवेयर को केवल म्यूजिक सुनने तक सीमित न रखकर उसे एक एडवांस प्रोडक्टिविटी टूल में बदलना है। अब यूजर्स को ऑडियो डिवाइस के जरिए ही रियल-टाइम ट्रांसलेशन और कन्वर्सेशनल इंटरैक्शन जैसी सुविधाएं मिल सकेंगी।
प्रोडक्ट की वैल्यू बढ़ाने की कोशिश
यह इंटीग्रेशन Google की Gemini Live तकनीक पर आधारित होगा। इसकी मदद से यूजर्स हाथों का इस्तेमाल किए बिना सीधे अपने हेडफोन्स या ऑडियो डिवाइसेज से Gmail, Tasks और Calendar जैसे Google Workspace ऐप्स को कंट्रोल कर सकेंगे। यह कदम भारतीय वियरेबल बाजार में boAt को अपने प्रतिस्पर्धियों से अलग खड़ा करने की एक बड़ी कोशिश है।
कंपनी का फाइनेंशियल हेल्थ चेक
जो निवेशक इस खबर को मार्केट से जोड़कर देख रहे हैं, उनके लिए यह जानना जरूरी है कि Imagine Marketing अभी एक प्राइवेट कंपनी है और NSE या BSE पर लिस्टेड नहीं है। फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी ने ₹84.5 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल के मुकाबले 38% ज्यादा है। राहत की बात यह है कि कंपनी फिलहाल कर्ज मुक्त (Debt-free) है और इसके पास करीब ₹397 करोड़ का कैश रिजर्व है, जो भविष्य के टेक्नोलॉजी निवेश के लिए काफी मददगार होगा।
चुनौतियां और जोखिम
हालांकि AI का तड़का कंपनी के लिए नया फीचर सेट तो है, लेकिन भारतीय वियरेबल मार्केट में प्राइस वॉर और तगड़ी प्रतिस्पर्धा जारी है। कंपनी का 85% रेवेन्यू ऑनलाइन सेल्स से आता है, जो इसे ई-कॉमर्स पॉलिसी में होने वाले बदलावों के प्रति संवेदनशील बनाता है। अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या यह AI इंटीग्रेशन कंपनी को बेहतर मार्जिन दिलाने और ग्राहकों की वफादारी जीतने में सफल हो पाता है या नहीं।
