भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार को जोरदार वापसी की, खासकर IT कंपनियों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। TCS और Infosys जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयरों में आई इस उछाल ने निवेशकों में उत्साह भर दिया है। अमेरिकी टेक्नोलॉजी शेयरों में आई तेजी और कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता ने भी बाजार को सहारा दिया है।
IT सेक्टर में क्यों आई इतनी तेजी?
आज के कारोबार में Information Technology (IT) सेक्टर सबसे आगे रहा। Tata Consultancy Services (TCS) के शेयर 3.68% बढ़कर ₹2,124.90 पर पहुँच गए, वहीं Infosys के शेयर 3.46% की बढ़त के साथ ₹1,087.20 पर कारोबार कर रहे थे। Tech Mahindra, HCL Technologies और Wipro जैसी कंपनियों के शेयरों में भी 2.5% से 3.3% तक की तेजी दर्ज की गई। इस सेक्टर में आई ये तेजी सीधे तौर पर अमेरिकी सेमीकंडक्टर स्टॉक्स में आई Overnight Rally का नतीजा है, जिसने टेक्नोलॉजी आधारित ग्रोथ को लेकर निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है।
बाजार की चाल और ग्लोबल संकेत
शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजारों की शानदार शुरुआत हुई। BSE Sensex 0.92% चढ़कर 77,449.64 पर खुला, जबकि NSE Nifty 50 भी 0.84% की बढ़त के साथ 24,164.85 पर कारोबार कर रहा था। बाजार की अस्थिरता में आई कमी, India VIX में लगभग 9% की गिरावट के साथ 13.36 पर आ गया, जिसने ट्रेडर्स के लिए एक शांत माहौल का संकेत दिया।
क्रूड ऑयल का असर और अन्य सेक्टरों का प्रदर्शन
हालांकि IT सेक्टर ने बाजार को संभाला, लेकिन अन्य कुछ सेक्टरों में बिकवाली का दबाव देखने को मिला। कच्चे तेल की कीमतें $71 से $72 प्रति बैरल के बीच स्थिर हो गई हैं, जो आमतौर पर तेल आयात करने वाली कंपनियों के लिए इनपुट लागत की चिंताओं को कम करने में मदद करता है। इसके बावजूद, फार्मा और टेलीकॉम स्टॉक्स में गिरावट आई। Nifty 50 पर Dr. Reddy’s Laboratories के शेयर 1.86% गिरे, वहीं Bharti Airtel और Sun Pharmaceutical Industries के शेयरों में भी हल्की गिरावट दर्ज की गई।
आगे क्या? टेक्निकल लेवल्स और नतीजों का इंतजार
बाजार के विश्लेषकों की नजरें अब Nifty 50 के लिए महत्वपूर्ण टेक्निकल लेवल्स पर टिकी हैं। रिसर्च रिपोर्ट्स के अनुसार, 24,150 के स्तर से ऊपर बने रहना एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। Axis Direct और Kotak Securities के विश्लेषकों का कहना है कि एक मजबूत तेजी वाले ट्रेंड की पुष्टि के लिए 24,200–24,300 के रेजिस्टेंस जोन से ऊपर निर्णायक क्लोजिंग जरूरी है, जबकि 23,800 से नीचे गिरने पर 23,500 के सपोर्ट लेवल का परीक्षण हो सकता है।
जैसे-जैसे बाजार अर्निंग सीजन (Earnings Season) की ओर बढ़ रहा है, ध्यान अब फाइनेंशियल और ऑटोमोबाइल सेक्टरों पर केंद्रित हो रहा है। निवेशक आगामी तिमाही नतीजों में लगातार लाभप्रदता (Profitability) और राजस्व वृद्धि (Revenue Growth) के संकेतकों की तलाश कर रहे हैं। प्रमुख IT कंपनियों की वर्तमान गति बनाए रखने की क्षमता, अस्थिर वैश्विक माहौल में क्लाइंट खर्च को प्रबंधित करने पर निर्भर करेगी, जबकि व्यापक बाजार पश्चिम एशिया में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव के प्रभाव पर भी नजर रखेगा।
