IRCTC के हालिया डेटा के मुताबिक ऑनलाइन रेल टिकटों का **28%** हिस्सा Paytm और MakeMyTrip जैसे पार्टनर ऐप्स से बुक हो रहा है, जबकि **53%** बुकिंग कंपनी के अपने ऐप से होती है। इन नतीजों के साथ ही कंपनी का मुनाफा स्थिर बना हुआ है।
IRCTC के ताजा आंकड़ों के अनुसार, ऑनलाइन रेल टिकट बुकिंग का एक बड़ा हिस्सा अब थर्ड-पार्टी बिजनेस एसोसिएट्स के पास है। हालांकि 53% ट्रैफिक कंपनी के अपने 'Rail Connect' ऐप से आता है, लेकिन बाकी 19% में से 17% बुकिंग IRCTC की वेबसाइट और 2% सरकारी माध्यमों से होती है। Paytm, MakeMyTrip और ixigo जैसे प्लेटफॉर्म्स के साथ यह जुड़ाव कंपनी को बड़े यूजर बेस तक पहुंचने में मदद करता है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का विश्लेषण
फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में IRCTC का रेवेन्यू 18.1% बढ़कर ₹1,370 करोड़ रहा है। हालांकि, कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹330 करोड़ पर फ्लैट (स्थिर) बना हुआ है। मार्जिन दबाव की मुख्य वजह बढ़ता ऑपरेशनल खर्च और कैटरिंग व डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में किया गया भारी निवेश है, जिसके चलते EBITDA मार्जिन 28.17% दर्ज किया गया है।
आगे का रास्ता और चुनौतियां
IRCTC के पास रिजर्व्ड टिकटिंग में 89% मार्केट शेयर है, जिससे इस सेगमेंट में ग्रोथ की गुंजाइश सीमित हो गई है। अब कंपनी अपनी पकड़ को हॉस्पिटैलिटी, टूरिज्म पैकेज, ट्रेवल इंश्योरेंस और लोकल मोबिलिटी जैसे नए क्षेत्रों में मजबूत करने की कोशिश कर रही है। इन्वेस्टर्स की नजरें 29 सितंबर, 2026 को होने वाली एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) पर हैं, जहां कंपनी अपनी नई बिजनेस स्ट्रैटेजी और डायवर्सिफिकेशन पर अधिक स्पष्टता दे सकती है।
