IIT Madras में इनक्यूबेट हुए Bodhan AI ने भारतीय शिक्षा क्षेत्र के लिए **4** फाउंडेशनल AI मॉडल्स पेश किए हैं। **22** से ज्यादा भाषाओं में उपलब्ध ये मॉडल्स एडटेक स्टार्टअप्स और स्कूलों के लिए टेक्नोलॉजी की लागत को कम करने का काम करेंगे।
टेक्नोलॉजी का एक साझा प्लेटफॉर्म
Bodhan AI ने विशेष रूप से भारतीय भाषाओं के लिए फाउंडेशनल मॉडल्स की एक नई रेंज पेश की है। यह पहल AI4Bharat रिसर्च लैब के साथ साझेदारी में विकसित की गई है और इसमें NVIDIA टेक्नोलॉजी फ्रेमवर्क का इस्तेमाल किया गया है ताकि स्थानीय बोलियों और जटिल लिपियों को आसानी से समझा जा सके। इसका मुख्य मकसद स्कूलों और एडटेक कंपनियों को एक साझा लेयर देना है ताकि उन्हें हर बार शून्य से सॉफ्टवेयर न बनाना पड़े।
एडटेक कंपनियों के लिए कैसे बदलेगा खेल?
आमतौर पर AI सिस्टम तैयार करने में बड़ी कंपनियों का मोटा खर्च होता है। Bodhan AI इसे एक 'डिजिटल पब्लिक गुड' के रूप में पेश कर रहा है। ओपन-वेट मॉडल्स और होस्टेड API के जरिए डेवलपर्स अब 20 से अधिक भारतीय भाषाओं के लिए एडवांस्ड AI फीचर्स का लाभ उठा सकेंगे। इससे छोटे स्टार्टअप्स के लिए भी बड़े लेवल की टेक्नोलॉजी का एक्सेस आसान हो जाएगा और काम का दोहराव कम होगा।
क्लासरूम में AI का जादू
इस रोलआउट में छात्रों और शिक्षकों दोनों के लिए खास टूल्स हैं। कक्षा 6 से 12 के छात्रों के लिए 'Student TutorBot' बनाया गया है, जो 22 भाषाओं को सपोर्ट करता है। यह टूल सीधे उत्तर देने के बजाय छात्रों को गाइड करता है। वहीं, शिक्षकों के लिए 'Teacher Assistant Bot' लाया गया है, जो लेसन प्लान और क्विज़ बनाने जैसे प्रशासनिक कार्यों में मदद करेगा।
रिस्क और सस्टेनेबिलिटी
यह ध्यान रखना जरूरी है कि Bodhan AI एक रिसर्च प्रोजेक्ट है और अभी कोई लिस्टेड कंपनी नहीं है, इसलिए इसका शेयर बाजार पर कोई सीधा असर नहीं है। भविष्य में इस प्रोजेक्ट की सफलता इसके लॉन्ग-टर्म फंडिंग और डेटा प्राइवेसी नियमों के पालन पर निर्भर करेगी। चूंकि यह छात्रों के डेटा से जुड़ा है, इसलिए एनोनिमाइजेशन प्रोटोकॉल और सुरक्षा मानकों को बनाए रखना इसकी सबसे बड़ी चुनौती होगी।
