अपनी प्लैटिनम जुबली के मौके पर IIT Kharagpur ने AI-पावर्ड लर्निंग असिस्टेंट और एक फ्री GATE/JAM तैयारी पोर्टल लॉन्च किया है। यह डिजिटल पहल एडटेक (EdTech) सेक्टर के लिए बड़ा गेम-चेंजर साबित हो सकती है।
शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल क्रांति
IIT Kharagpur ने अपने स्थापना के प्लैटिनम जुबली समारोह के दौरान दो प्रमुख डिजिटल शिक्षा पहल की शुरुआत की है। केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार द्वारा इन प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन किया गया, जिसका उद्देश्य देशभर के छात्रों को हाई-क्वालिटी एकेडमिक ट्रेनिंग मुहैया कराना है। इसमें एक AI-पावर्ड लर्निंग असिस्टेंट और GATE व JAM परीक्षाओं के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल शामिल है।
कैसे काम करेगा NDLI-FERMI AI Tutor?
Fermi AI के साथ मिलकर तैयार किया गया यह टूल 'नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी ऑफ इंडिया' (NDLI) का विस्तार है। यह बाकी कमर्शियल AI टूल्स से काफी अलग है, क्योंकि यह सीधे जवाब देने के बजाय छात्रों को 'गाइडेड लर्निंग' के जरिए सही दिशा दिखाता है। 'Scan & Ask' फीचर की मदद से छात्र फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स और बायोलॉजी जैसे विषयों में अपनी समझ को बेहतर बना सकेंगे।
एडटेक कंपनियों पर क्या होगा असर?
यह कदम प्राइवेट कोचिंग सेंटर्स के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है। अब तक, GATE और JAM जैसी कठिन परीक्षाओं के लिए छात्र महंगे कोचिंग प्लेटफॉर्म्स पर निर्भर थे। IIT Kharagpur के इस फ्री और हाई-क्वालिटी रिसोर्स के आने से प्राइवेट प्लेयर्स को अपनी स्ट्रैटेजी और प्राइसिंग दोबारा सोचनी पड़ सकती है।
भविष्य की राह
NDLI प्लेटफॉर्म पर पहले से ही 13 करोड़ से ज्यादा रिसोर्सेज मौजूद हैं और 1 करोड़ से अधिक छात्र इससे जुड़े हैं। एक्सपर्ट्स की नजर इस बात पर है कि इन टूल्स का एडॉप्शन रेट क्या रहता है और क्या ये आने वाले समय में कमर्शियल टेस्ट-प्रेप कंपनियों के सब्सक्रिप्शन मॉडल को प्रभावित करेंगे।
