IIT Guwahati का कमाल! अब पानी की शुद्धता जांचना हुआ बेहद आसान, पेश किया 'E-Eye' डिवाइस

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AuthorAditya Rao|Published at:
IIT Guwahati का कमाल! अब पानी की शुद्धता जांचना हुआ बेहद आसान, पेश किया 'E-Eye' डिवाइस

IIT (भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान) गुवाहाटी के शोधकर्ताओं ने 'E-Eye' नाम का एक खास डिवाइस बनाया है। यह पोर्टेबल डिवाइस पानी में मौजूद हानिकारक तत्वों का तुरंत पता लगा सकता है। यह तकनीक 'जल जीवन मिशन' में भी मददगार होगी और इसे ENVIONIX Labs Pvt Ltd नामक स्टार्टअप द्वारा कमर्शियलाइज किया जा रहा है।

पानी की शुद्धता का तुरंत पता

IIT गुवाहाटी के वैज्ञानिकों ने 'E-Eye' नाम का एक अनोखा ऑप्टिकल सेंसिंग डिवाइस विकसित किया है। यह डिवाइस पानी और बायोलॉजिकल सैंपल में मौजूद दूषित पदार्थों का तुरंत पता लगाने में सक्षम है। खास बात यह है कि यह आर्सेनिक, लेड, आयरन और क्रोमियम जैसी भारी धातुओं के साथ-साथ ई. कोलाई जैसे हानिकारक बैक्टीरिया का भी तेजी से टेस्ट कर सकता है।

तकनीक और लागत

'E-Eye' डिवाइस में जब कोई टॉक्सिन (विषैला पदार्थ) मौजूद होता है, तो केमिकल रिएक्शन से रंगीन कंपाउंड बनता है। डिवाइस इसी रंग की इंटेंसिटी को मापता है और पॉल्यूटेंट्स की मात्रा का पता लगाता है। यह पूरी प्रक्रिया फिजिकल सैंपल को डिजिटल डेटा में बदल देती है, जिसे वायरलेस तरीके से सेंट्रलाइज्ड मॉनिटरिंग सेंटर्स तक भेजा जा सकता है। यह पारंपरिक लैब इक्विपमेंट जैसे UV-Visible और एटॉमिक एब्जॉर्प्शन स्पेक्ट्रोफोटोमीटर का एक सस्ता और पोर्टेबल विकल्प है।

इस डिवाइस की डेवलपमेंट कॉस्ट करीब ₹3,500 है और पर-सैंपल टेस्टिंग का खर्च केवल ₹2 आता है। उम्मीद है कि बड़े पैमाने पर उत्पादन होने पर इसकी लागत और भी कम हो जाएगी, जिससे इसे फील्ड में आसानी से इस्तेमाल किया जा सकेगा।

ENVIONIX Labs के ज़रिए व्यावसायीकरण

इस टेक्नोलॉजी को अब शैक्षणिक शोध से एक कमर्शियल प्रोडक्ट के तौर पर ENVIONIX Labs Pvt Ltd नामक स्टार्टअप के ज़रिए बाजार में लाया जा रहा है। यह कदम लैब-प्रूवन इनोवेशन को बाजार से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण संकेत है। IIT गुवाहाटी एक पब्लिक एकेडमिक संस्थान है, और इस स्टार्टअप का गठन भारत में डीपटेक इनोवेशन के लिए एक सामान्य रास्ता दिखाता है, जहां रिसर्च-बेस्ड सॉल्यूशंस डेवलपमेंट और इंडस्ट्री एप्लीकेशन के बीच की खाई को पाटने की कोशिश करते हैं।

बाजार और पर्यावरण के लिहाज़ से महत्व

यह डिवाइस भारत सरकार के 'जल जीवन मिशन' के लक्ष्यों के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य पूरे देश के घरों तक सुरक्षित नल का पानी पहुंचाना है। पब्लिक वाटर सप्लाई सिस्टम और प्राइवेट फूड और डेयरी इंडस्ट्रीज में सेफ्टी स्टैंडर्ड्स का पालन सुनिश्चित करने के लिए विश्वसनीय, ऑन-साइट वॉटर क्वालिटी मॉनिटरिंग बहुत जरूरी है। रियल-टाइम में एफ्लुएंट्स और पानी की गुणवत्ता की निगरानी करने की क्षमता उन उद्योगों के लिए मूल्यवान हो सकती है जिन्हें सख्त पर्यावरण नियमों का पालन करना पड़ता है।

डीपटेक और पर्यावरण निगरानी क्षेत्र में रुचि रखने वालों के लिए, प्रमुख डेवलपमेंट यह होंगे कि स्टार्टअप मैन्युफैक्चरिंग को कैसे स्केल करता है, सप्लाई चेन कैसे स्थापित करता है, और सरकारी एजेंसियों या इंडस्ट्रियल क्लाइंट्स से इसे कैसे अपनाता है। किसी भी शुरुआती चरण के हार्डवेयर स्टार्टअप की तरह, सफल लैब टेस्टिंग से लेकर बड़े पैमाने पर विश्वसनीय फील्ड डिप्लॉयमेंट तक के संक्रमण में ऑपरेशनल और एग्जीक्यूशन रिस्क शामिल होते हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.