IBM के निवेशकों के लिए बुरी खबर है। कंपनी के शेयर **25%** तक गिर गए हैं, क्योंकि दूसरी तिमाही का रेवेन्यू उम्मीद से कम रहा।
नतीजों से बाजार में हड़कंप
International Business Machines (IBM) के शेयर दूसरी तिमाही के कमजोर नतीजों के बाद 25% तक गिर गए। कंपनी ने $17.2 अरब का रेवेन्यू दर्ज किया, जो विश्लेषकों के $17.9 अरब के अनुमान से काफी कम है। इस गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
AI का बढ़ता खर्च बना सिरदर्द?
यह गिरावट तब आई है जब ग्राहक अपने टेक्नोलॉजी बजट को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर की ओर मोड़ रहे हैं। IBM के CEO अरविंद कृष्णा ने स्वीकार किया है कि कंपनी इस बदलाव के लिए तेजी से कदम नहीं उठा पाई। ग्राहकों द्वारा AI हार्डवेयर पर अधिक खर्च करने के कारण कंपनी के Z मेनफ्रेम सिस्टम की बिक्री पर सीधा असर पड़ा है, जो पारंपरिक रूप से कंपनी के हार्डवेयर व्यवसाय का एक बड़ा हिस्सा रहा है।
यह स्थिति स्थापित टेक्नोलॉजी कंपनियों के लिए एक चुनौती पेश करती है। IBM सॉफ्टवेयर और AI में अपने विस्तार पर काफी जोर दे रही है, लेकिन जिस तेजी से कंपनियां नए AI हार्डवेयर को प्राथमिकता दे रही हैं, उसने पुराने प्रोडक्ट सेगमेंट पर दबाव बना दिया है।
ऐतिहासिक गिरावट और आगे की राह
IBM के शेयरों में यह 25% की गिरावट 1968 के बाद सबसे बड़ी एक-दिवसीय गिरावट है। यह प्रदर्शन कंपनी के पिछले वित्तीय अनुमानों से एक बड़ा अंतर दिखाता है। कंपनी खुद को हाइब्रिड क्लाउड और AI सेवाओं के प्रदाता के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रही है। हालांकि, हालिया तिमाही के नतीजे बताते हैं कि इस बदलाव में मुश्किलें आ रही हैं, खासकर जब बाजार की मांग तेजी से AI-विशिष्ट हार्डवेयर निवेश की ओर बढ़ रही है।
निवेशकों के लिए मुख्य बातें
अब निवेशक इस बात पर नजर रखेंगे कि कंपनी AI-संबंधित इंफ्रास्ट्रक्चर की ग्राहक मांग के साथ अपने प्रोडक्ट की रणनीति को कैसे बेहतर बनाती है। आगे चलकर, कंपनी के साल के बाकी हिस्सों के लिए अपडेटेड गाइडेंस, सॉफ्टवेयर और AI अधिग्रहणों के एकीकरण में प्रगति, और क्या कंपनी अपने मेनफ्रेम डिवीजन में बिक्री स्थिर कर सकती है, इन बातों पर गौर किया जाएगा।
