IBM के शेयरों में आज **25%** की ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई। कंपनी का रेवेन्यू उम्मीदों से कम **$17.2 बिलियन** रहा, क्योंकि ग्राहक अब AI के लिए सर्वर और मेमोरी हार्डवेयर को प्राथमिकता दे रहे हैं।
AI का असर: IBM के नतीजों पर गिरी गाज!
दुनिया भर के टेक्नोलॉजी सेक्टर में AI (Artificial Intelligence) की लहर साफ दिख रही है, लेकिन इसका असर हर कंपनी पर एक जैसा नहीं हो रहा। बुधवार को IBM के शेयरों में 25% की भारी गिरावट आई, जो कि एक ऐतिहासिक एक-दिवसीय सेंध है। कंपनी के CEO अरविंद कृष्णा (Arvind Krishna) ने खुद माना कि ग्राहकों का खर्च करने का तरीका अचानक बदल गया है। वे अब पुराने इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स से बजट हटाकर AI के लिए जरूरी सर्वर, स्टोरेज और मेमोरी कंपोनेंट्स पर ज्यादा पैसा लगा रहे हैं।
रेवेन्यू में गिरावट, इंफ्रास्ट्रक्चर पर 7% का घाटा
IBM ने इस तिमाही में $17.2 बिलियन का रेवेन्यू रिपोर्ट किया, जो एनालिस्ट्स की $17.9 बिलियन की उम्मीदों से काफी कम था। कंपनी के इंफ्रास्ट्रक्चर डिविजन में तो 7% की गिरावट देखी गई, जो साफ दिखाता है कि खर्च के इस बदलाव का सीधा असर कंपनी पर पड़ रहा है। पहले कंपनी ने कम-सिंगल-डिजिट रेवेन्यू गिरावट का अनुमान लगाया था, लेकिन जून के अंत तक यह गिरावट कहीं ज्यादा गंभीर निकली। ऐसा इसलिए भी हुआ क्योंकि कंपनियां भविष्य में कीमतों में बढ़ोतरी और सप्लाई की कमी से बचने के लिए अभी से हार्डवेयर खरीद रही हैं।
हार्डवेयर बनाने वाली कंपनियों की बल्ले-बल्ले!
जहां IBM जैसी कंपनियां संघर्ष कर रही हैं, वहीं AI क्रांति के लिए जरूरी हार्डवेयर बनाने वाली कंपनियों की चांदी हो गई है। SK Hynix के शेयरों में 27% का उछाल आया, Dell 7% और स्टोरेज स्पेशलिस्ट Sandisk 5% चढ़ गए। यह साफ इशारा है कि निवेशक इस वक्त सॉफ्टवेयर और पुरानी इंफ्रा सर्विस कंपनियों के बजाय फिजिकल हार्डवेयर बनाने वाली कंपनियों पर दांव लगा रहे हैं। साइबर सिक्योरिटी सेक्टर में भी दिलचस्पी बढ़ी है, क्योंकि जैसे-जैसे कंपनियां AI इंफ्रा पर निवेश कर रही हैं, वे इन नए और जटिल सिस्टम्स को सुरक्षित रखने के लिए डिजिटल सिक्योरिटी पर भी खर्च बढ़ा रही हैं।
ग्लोबल डील एक्टिविटी में तेजी
टेक्नोलॉजी और फाइनेंस सेक्टर में कॉर्पोरेट एक्टिविटी भी अपने चरम पर है। खबर है कि PayPal किसी बड़े अधिग्रहण का टारगेट बन सकता है, जिसके लिए Stripe और Advent International ने $53 बिलियन से ज्यादा की संयुक्त बोली लगाई है। $60.50 प्रति शेयर का यह ऑफर फिनटेक स्पेस में तेजी से हो रहे कंसॉलिडेशन को दिखाता है। अगर यह डील पूरी होती है, तो यह 2026 की पहली छमाही को और मजबूत बनाएगी, जिसमें कुल ट्रांजैक्शन वैल्यू पिछले साल की तुलना में 58% बढ़ी है। बड़े इन्वेस्टमेंट बैंक्स भी इस माहौल का फायदा उठा रहे हैं। Goldman Sachs और Citigroup ने अपने इन्वेस्टमेंट बैंकिंग और कैपिटल मार्केट्स डिविजन से भारी रेवेन्यू बढ़ोतरी दर्ज की है। इन बैंक्स के पास पिछले 5 सालों में सबसे बड़े डील पाइपलाइन्स हैं, जो यह बताता है कि कुछ टेक स्टॉक्स में वोलैटिलिटी के बावजूद, कंपनियां बड़े अधिग्रहणों के लिए अभी भी तैयार हैं।
