IBM ने विशाखापत्तनम में अपना नया 'कंसल्टिंग फ्यूचरनाउ सेंटर' खोला है, जिसका मकसद AI और हाइब्रिड क्लाउड सेवाओं को बढ़ावा देना है। यह कदम ऐसे समय पर आया है जब कंपनी जुलाई 2026 में शेयर में आई भारी गिरावट, दूसरी तिमाही में रेवेन्यू का अनुमान से कम रहना और वित्तीय खुलासों को लेकर चल रही धोखाधड़ी की जांच से जूझ रही है।
विशाखापत्तनम में IBM का नया AI हब
International Business Machines Corporation (IBM) ने 5 अगस्त 2026 को विशाखापत्तनम में अपने नए 'कंसल्टिंग फ्यूचरनाउ सेंटर' का उद्घाटन किया। यह नई सुविधा कंपनी की ग्लोबल कंसल्टिंग डिलीवरी में मदद करेगी, खासकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, हाइब्रिड क्लाउड, डेटा एनालिटिक्स और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों पर इसका खास फोकस रहेगा। सेंटर में शुरुआती तौर पर 500 से अधिक पेशेवर काम कर रहे हैं, जिनका लक्ष्य स्थानीय डिजिटल टैलेंट का उपयोग करके कंपनी के एंटरप्राइज ट्रांसफॉर्मेशन पहलों को मजबूत करना है।
मुश्किलों से घिरी IBM
हालांकि कंपनी भारत के उभरते टेक हब में अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है, लेकिन यह कदम एक चुनौतीपूर्ण वित्तीय माहौल में उठाया गया है। 14 जुलाई 2026 को, IBM के शेयर 25% से अधिक गिर गए थे। यह गिरावट दूसरी तिमाही 2026 के शुरुआती नतीजों के बाद आई थी। कंपनी ने तिमाही में $17.2 बिलियन का रेवेन्यू दर्ज किया, जो विश्लेषकों के अनुमानों से काफी कम था। इसके चलते कंपनी ने पूरे साल के रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस को घटाकर 4-5% कर दिया है।
निवेशक इन जोखिमों पर रख रहे नजर
निवेशक कंपनी की परिचालन गतिविधियों के साथ-साथ कई बड़े जोखिमों पर भी नजर बनाए हुए हैं। वित्तीय नतीजों में 'Z' मेनफ्रेम बिजनेस में आई उल्लेखनीय मंदी और एंटरप्राइज ग्राहकों द्वारा खर्च में देरी को रेवेन्यू में आई कमी का मुख्य कारण बताया गया है। इसके अलावा, कंपनी पर लगभग $62 बिलियन का कर्ज है, जो AI-संचालित ग्रोथ की ओर बढ़ते हुए कंपनी की वित्तीय स्थिति पर दबाव डाल रहा है।
कानूनी अड़चनें और भविष्य की राह
इसके अतिरिक्त, IBM संभावित प्रतिभूति धोखाधड़ी (securities fraud) से संबंधित जांच का सामना भी कर रही है। यह जांच नए व्यापार सौदों की गति और IBM Z प्रोडक्ट लाइन के प्रदर्शन को लेकर कंपनी के खुलासों से जुड़ी है। इन मुद्दों, साथ ही AI-संचालित इंफ्रास्ट्रक्चर स्पेस में बढ़ती प्रतिस्पर्धा ने शेयरधारकों के लिए अस्थिरता बढ़ा दी है।
विशाखापत्तनम में नए सेंटर का रणनीतिक मूल्य इस बात पर निर्भर करेगा कि कंपनी इस टैलेंट का सफलतापूर्वक उपयोग करके अपनी सर्विस मार्जिन में सुधार कर पाती है या नहीं और मांग में आई गिरावट को कैसे संबोधित करती है। निवेशकों के लिए, अगली महत्वपूर्ण बातें जारी प्रतिभूति जांच की प्रगति, कंपनी की मेनफ्रेम रेवेन्यू को स्थिर करने की क्षमता और AI कंसल्टिंग में किए गए निवेश से हाल के वित्तीय दबाव को प्रभावी ढंग से कम करने की उम्मीदें होंगी।
