IBM India ने अपने 'डिजिटल स्वराज' (Digital Swaraj) इनिशिएटिव को विस्तार देते हुए बैंकिंग और सरकारी सेक्टर के लिए नए AI और क्लाउड स्टैक लॉन्च किए हैं। इस रणनीति के चलते कंपनी का नेट प्रॉफिट फाइनेंशियल ईयर 2025 में **41.8%** बढ़कर **₹3,968 करोड़** पर पहुंच गया है।
डेटा पर कंट्रोल की बढ़ती मांग
IBM India अपनी टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर रणनीति को 'डिजिटल स्वराज' की ओर मोड़ रही है। बैंकिंग और सरकारी सेक्टर में डेटा रेजिडेंसी (Data Residency) और स्थानीय कंट्रोल को लेकर नियम कड़े होते जा रहे हैं, जिसे देखते हुए कंपनी ने 'Sovereign Core' और 'Bharat Core' जैसे खास स्टैक पेश किए हैं। इसका मुख्य मकसद क्लाइंट्स को अपने डेटा पर पूरा मालिकाना हक और कंट्रोल मुहैया कराना है।
लोकल मार्केट के लिए खास AI स्टैक
कंपनी ने 'Bharat Core' AI स्टैक लॉन्च किया है, जो खासतौर पर भारतीय बाजार की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। यह उन डोमेस्टिक कंपनियों के लिए एक बड़ा गेम चेंजर साबित हो सकता है जो डेटा सिक्योरिटी से समझौता किए बिना एडवांस AI टूल्स अपनाना चाहती हैं।
फाइनेंशियल सेहत और ग्रोथ
कंपनी ने शानदार फाइनेंशियल आंकड़े पेश किए हैं। FY25 के लिए नेट प्रॉफिट 41.8% बढ़कर ₹3,968 करोड़ रहा, जबकि रेवेन्यू 7.7% की ग्रोथ के साथ ₹32,804 करोड़ तक पहुंच गया। यह दर्शाता है कि कंपनी अब कम मार्जिन वाले इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के बजाय हाई-वैल्यू सॉफ्टवेयर और कंसल्टिंग पर फोकस कर रही है। इसमें कंपनी के इंटरनल AI कोडिंग असिस्टेंट 'Bob' का भी बड़ा योगदान रहा है, जिसने कर्मचारियों की प्रोडक्टिविटी को काफी बढ़ा दिया है।
रिस्क और चुनौतियां
निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि IBM India एक प्राइवेट लिमिटेड सब्सिडियरी है और यह भारतीय शेयर बाजार (NSE/BSE) पर लिस्टेड नहीं है। इसकी परफॉर्मेंस काफी हद तक इसकी पैरेंट कंपनी, International Business Machines Corporation (NYSE पर लिस्टेड) की ग्लोबल स्ट्रैटेजी से जुड़ी है। इसके अलावा, डेटा प्रोटेक्शन नियमों में लगातार हो रहे बदलाव और क्लाउड मार्केट में बढ़ता कॉम्पिटिशन कंपनी के लिए आने वाले समय में चुनौतियां पैदा कर सकते हैं।
