टेक जगत की दिग्गज कंपनियां Huawei और HP Inc. ने वायरलेस नेटवर्किंग टेक्नोलॉजी के लिए एक ग्लोबल क्रॉस-लाइसेंसिंग एग्रीमेंट साइन किया है। इसमें Wi-Fi 7 टेक्नोलॉजी भी शामिल है, जिससे 2025 में शुरू हुआ कानूनी विवाद सुलझ गया है।
कानूनी जंग पर पूर्ण विराम
Huawei Technologies और HP Inc. ने 26 अगस्त, 2026 को एक मल्टी-ईयर ग्लोबल क्रॉस-लाइसेंसिंग समझौते की घोषणा की है। यह साझेदारी Wi-Fi 7 समेत कई एडवांस वायरलेस टेक्नोलॉजी को कवर करती है। इस डील के साथ ही 2025 में यूरोप की यूनिफाइड पेटेंट कोर्ट में चल रहा कानूनी विवाद भी खत्म हो गया है, जिसमें Huawei ने HP पर बिना अनुमति Wi-Fi 6 टेक्नोलॉजी इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था।
रॉयल्टी और लाइसेंसिंग मॉडल
हालाँकि इस समझौते की वित्तीय राशि का खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन Huawei ने अपने लाइसेंसिंग रेवेन्यू मॉडल को पारदर्शी बनाने पर जोर दिया है। कंपनी ने Wi-Fi 7 प्रोग्राम के लिए प्रति यूनिट $0.50 की रॉयल्टी दर तय की है। Huawei ने स्पष्ट किया है कि वे 'FRAND' (Fair, Reasonable, and Non-Discriminatory) प्रतिबद्धताओं का पालन कर रहे हैं, ताकि एंटी-ट्रस्ट जांच से बचा जा सके।
जियोपॉलिटिकल चुनौतियों के बीच रास्ता
यह डील इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि 2019 से Huawei को कड़े अमेरिकी व्यापार प्रतिबंधों का सामना करना पड़ रहा है। बावजूद इसके, कंपनी ने पेटेंट मोनेटाइजेशन (Licensing) के जरिए अपनी वैश्विक पहुंच बनाए रखी है। HP के लिए, यह समझौता भविष्य में संभावित कानूनी बाधाओं को दूर कर उनकी सप्लाई चेन को सुरक्षा प्रदान करता है। भविष्य में निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कैसे ये कंपनियां ग्लोबल पेटेंट स्टैंडर्ड्स का पालन करती हैं और क्या यह मॉडल Huawei को हार्डवेयर बाजार से बाहर रहने के बावजूद टेलीकॉम क्षेत्र में मजबूत बनाए रखता है।
