Hexaware Technologies के तिमाही नतीजों ने निवेशकों को झटका दिया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट **13%** घटकर **₹330 करोड़** रह गया, जबकि रेवेन्यू **17.9%** बढ़ा। कंपनी ने साल भर की ग्रोथ गाइडेंस भी घटा दी है।
IT कंपनी Hexaware Technologies के शेयर में बुधवार को गिरावट देखी गई, क्योंकि कंपनी ने जून तिमाही के नतीजे जारी किए। 13.16% की गिरावट के साथ कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट ₹330 करोड़ पर आ गया। हालांकि, इस दौरान कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 17.93% बढ़कर ₹3,845.20 करोड़ हो गया।
कंपनी ने क्यों घटाई गाइडेंस?
निवेशकों के लिए चिंता का विषय कंपनी का फुल-ईयर आउटलुक है। Hexaware ने अपनी एनुअल कॉन्स्टेंट करेंसी रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस को घटाकर 6-7% कर दिया है, जो पहले 7.6% से अधिक रहने की उम्मीद थी। मैनेजमेंट का कहना है कि मैक्रो इकोनॉमिक अनिश्चितताओं के चलते क्लाइंट्स की तरफ से टेक्नोलॉजी खर्च कम हुआ है। इसके अलावा, कई बड़े मल्टी-ईयर डील्स के इम्प्लीमेंटेशन में देरी भी नियर-टर्म परफॉर्मेंस को प्रभावित कर रही है।
तिमाही के दौरान प्रॉफिट मार्जिन पर भी दबाव देखा गया। ऑपरेटिंग कॉस्ट बढ़ने के कारण EBIT मार्जिन 13.6% रहा। इन दबावों और मार्जिन एडजस्टमेंट की जरूरत के चलते कंपनी का नियर-टर्म का नजरिया थोड़ा सतर्क हो गया है, भले ही टॉप-लाइन ग्रोथ मजबूत रही हो।
मजबूत फाइनेंशियल पोजीशन
इन तिमाही चुनौतियों के बावजूद, Hexaware की फाइनेंशियल पोजीशन मजबूत बनी हुई है। कंपनी पर कोई कर्ज नहीं है (डेट-टू-इक्विटी रेशियो 0.00), जो इसे अच्छी फाइनेंशियल फ्लेक्सिबिलिटी देता है। पिछले पांच सालों में कंपनी ने लगातार एनुअल रेवेन्यू और प्रॉफिट ग्रोथ का ट्रैक रिकॉर्ड बनाए रखा है।
आगे चलकर, निवेशकों की नजर कंपनी की डील पाइपलाइन को एग्जीक्यूट करने और प्रॉफिट मार्जिन को स्टेबल करने की क्षमता पर रहेगी। देरी वाले प्रोजेक्ट्स के कब तक पटरी पर लौटने और ट्रैवल व ट्रांसपोर्टेशन जैसे वर्टिकल्स में डिमांड की अस्थिरता से निपटने में कंपनी की सफलता, आने वाली तिमाहियों में रिवाइज्ड ग्रोथ टारगेट्स को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगी।
