IT सेक्टर की कंपनी Hexaware Technologies के CEO, R. Srikrishna के एक बयान ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। उन्होंने संकेत दिया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी बढ़ती लागतों और अनुभवी पेशेवरों (Lateral Hires) को प्राथमिकता देने के कारण फ्रेशर्स की हायरिंग में कमी आ सकती है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब कंपनी ने हाल ही में मैक्रोइकॉनॉमिक चुनौतियों और डील में देरी के चलते पूरे साल के रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान घटाकर **6-7%** कर दिया था।
AI की वजह से बदले हायरिंग के समीकरण?
Hexaware Technologies के CEO, R. Srikrishna ने IT इंडस्ट्री में हायरिंग के बदलते ट्रेंड्स पर प्रकाश डाला है। उन्होंने बताया कि अब फ्रेश ग्रेजुएट्स की भर्ती पर कम जोर दिया जा रहा है। इसकी मुख्य वजह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को अपनाने में लगने वाली बढ़ती लागतें और अनुभवी कर्मचारियों को हायर करने की रणनीति है। हालांकि, कंपनी का कहना है कि फ्रेशर्स भविष्य की प्रतिभा पाइपलाइन का अहम हिस्सा बने रहेंगे, लेकिन फिलहाल उनका फोकस उन लोगों पर है जो AI-संचालित जटिल प्रोजेक्ट्स में तुरंत योगदान दे सकें।
CEO ने यह भी कहा कि AI डेवलपमेंट की स्पीड को बढ़ा रहा है, जिससे प्रोजेक्ट्स जल्दी पूरे हो रहे हैं। लेकिन, इन नई टेक्नोलॉजी को अपनाने का शुरुआती फाइनेंशियल इंपैक्ट (Financial Impact) मानव संसाधनों के अधिक कुशल आवंटन की मांग करता है। यह हायरिंग रणनीति में बदलाव कंपनी के 'जीरो फ्रिक्शन एंटरप्राइज' (Zero Friction Enterprise) फ्रेमवर्क का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य AI का इस्तेमाल करके मॉडर्नाइजेशन और एफिशिएंसी लाना है। कंपनी का मानना है कि युवा प्रतिभाएं AI टूल्स को स्वाभाविक रूप से समझती हैं, जो उन्हें भविष्य के लिए तैयार करता है, भले ही फिलहाल हायरिंग की गति धीमी हो।
रेवेन्यू गाइडेंस में कटौती और मार्केट का रिएक्शन
निवेशकों के लिए यह खबर कंपनी के फाइनेंशियल परफॉरमेंस (Financial Performance) से जुड़े अपडेट्स के बीच आई है। कैलेंडर ईयर 2026 की दूसरी तिमाही में Hexaware का रेवेन्यू $405.4 मिलियन रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 6.1% अधिक था। हालांकि, इसी बीच कंपनी ने पूरे साल के रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान घटाकर 6% से 7% कर दिया, जो पहले 7.6% था। मैनेजमेंट ने मैक्रोइकॉनॉमिक अनिश्चितता (Macroeconomic Uncertainty) और नए डील्स के लागू होने में देरी को इस अनुमान में कटौती का मुख्य कारण बताया है।
इन डेवलपमेंट के चलते मार्केट में थोड़ी नरमी देखी गई। 18 अगस्त, 2026 तक, Hexaware के शेयर लगभग 0.63% नीचे ट्रेड कर रहे थे। यह IT सेक्टर में ग्रोथ की गति को लेकर निवेशकों की निरंतर जांच को दर्शाता है। कंपनी एक ऐसे प्रतिस्पर्धी माहौल का सामना कर रही है जहां AI क्षमताओं में भारी निवेश प्रासंगिक बने रहने के लिए आवश्यक है, जो प्रॉफिट मार्जिन (Profit Margins) पर दबाव डाल सकता है। फिलहाल, कंपनी का EBIT मार्जिन 13.6% है, जिस पर शेयरधारक आने वाली तिमाहियों में बारीकी से नजर रखेंगे ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि लागत-दक्षता उपाय (Cost-efficiency measures) प्रभावी बने रहें।
आगे चलकर, शेयरधारकों के लिए मुख्य चिंता का विषय नए डील्स के कन्वर्जन की गति और यह होगा कि कंपनी प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन में देरी वाले वर्तमान माहौल को कितनी अच्छी तरह संभाल पाती है। निवेशकों को मैनेजमेंट की कमेंट्री पर भी ध्यान देना चाहिए कि हायरिंग रणनीति कैसे विकसित होती है और क्या अनुभवी हायरिंग की ओर यह बदलाव आने वाले महीनों में अपेक्षित एफिशिएंसी गेन (Efficiency Gains) दिलाता है।
