Hexaware Technologies ने कैलेंडर ईयर 2026 की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **4.4%** बढ़कर **$405 मिलियन** हो गया है, लेकिन प्रॉफिट में **6.1%** की गिरावट दर्ज की गई है।
Hexaware का Q2 परफॉरमेंस: नंबर्स क्या कहते हैं?
Hexaware Technologies ने कैलेंडर ईयर 2026 की दूसरी तिमाही के नतीजे पेश किए हैं। कंपनी ने $405 मिलियन का रेवेन्यू दर्ज किया है, जो पिछले तिमाही के मुकाबले 4.4% ज्यादा है। यह ग्रोथ कांस्टेंट करेंसी (Constant Currency) के आधार पर है। हालांकि, यह आंकड़ा कुछ मार्केट एक्सपेक्टेशंस से थोड़ा कम रहा। आपको बता दें कि Hexaware कैलेंडर ईयर के हिसाब से नतीजे जारी करती है, जो भारतीय IT कंपनियों से अलग है जो मार्च में फाइनेंशियल ईयर खत्म करती हैं।
सेगमेंट्स में कैसा रहा प्रदर्शन?
कंपनी के बिजनेस सेगमेंट्स में प्रदर्शन मिला-जुला रहा। प्रोफेशनल सर्विसेज (Professional Services) सेगमेंट में 13.3% की शानदार तिमाही ग्रोथ देखी गई, वहीं हेल्थकेयर और इंश्योरेंस (Healthcare and Insurance) सेगमेंट में 6.8% का इजाफा हुआ। दूसरी ओर, टेक्नोलॉजी (Technology) और ट्रैवल (Travel) सेगमेंट्स पर दबाव देखा गया, जहां रेवेन्यू में क्रमशः 3.1% और 1.0% की गिरावट आई। यह दिखाता है कि खास इंडस्ट्रीज में क्लाइंट खर्च का पैटर्न कंपनी के कुल रेवेन्यू पर कैसे असर डालता है।
प्रॉफिट पर क्या हुआ असर?
प्रॉफिटेबिलिटी की बात करें तो, एडजस्टेड EBIT मार्जिन 13.6% पर रहा। मार्जिन तो लगभग स्थिर रहा, लेकिन बॉटम लाइन पर दूसरी वजहों से असर पड़ा। एडजस्टेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (Adjusted Profit After Tax) ₹3.3 बिलियन रहा, जो पिछली तिमाही के मुकाबले 6.1% कम है और पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 13% की गिरावट दर्शाता है। निवेशकों के लिए यह देखना अहम होगा कि कंपनी बदलती सेगमेंट डिमांड के बीच इन मार्जिन को कैसे बनाए रखती है या बढ़ाती है।
ब्रोकरेज की राय और आगे की राह
नतीजे आने के बाद, ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal ने स्टॉक पर कवरेज शुरू की है और ₹660 का टारगेट प्राइस दिया है। यह वैल्यूएशन कैलेंडर ईयर 2027 के अनुमानित EPS (Earnings Per Share) पर 23 गुना का मल्टीपल लगाकर निकाला गया है। फर्म का मानना है कि कंपनी का की-वर्टिकल्स पर फोकस भविष्य में प्रदर्शन को सहारा दे सकता है।
जैसे-जैसे कंपनी मौजूदा डिमांड एनवायरनमेंट में आगे बढ़ रही है, निवेशक इस बात पर नजर रखेंगे कि मैनेजमेंट कमजोर टेक्नोलॉजी और ट्रैवल सेगमेंट्स में ग्रोथ कैसे वापस लाता है। इसके अलावा, सर्विस कैपेबिलिटीज में लगातार निवेश के बीच मार्जिन की स्थिरता अगले तिमाही नतीजों में एक अहम मीट्रिक होगी।
