Hexaware Technologies ने विवेक जेटली को अपना नया CEO नियुक्त किया है। यह बदलाव 28 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होगा, जिसमें वे श्रीकृष्णा रामाकार्तिकेयन की जगह लेंगे। कंपनी ने हाल ही में डील में देरी और सुस्त खर्चों के चलते अपने 2026 के ग्रोथ अनुमान को घटाकर **6-7%** कर दिया है।
नेतृत्व में बड़ा बदलाव
Hexaware Technologies में बदलाव का बड़ा दौर शुरू हो गया है। एक दशक से भी ज्यादा समय से कंपनी की कमान संभालने वाले श्रीकृष्णा रामाकार्तिकेयन 28 अक्टूबर 2026 को CEO और होल-टाइम डायरेक्टर का पद छोड़ देंगे। वे हैंडओवर प्रक्रिया में मदद के लिए कंपनी में 'सीनियर एडवाइजर' की भूमिका में बने रहेंगे।
कौन हैं विवेक जेटली?
उनकी जगह EXL के पूर्व एग्जीक्यूटिव विवेक जेटली लेंगे। जेटली के पास EXL में करीब दो दशकों का लंबा अनुभव है, जहाँ उन्होंने प्रेसिडेंट के तौर पर इंश्योरेंस, हेल्थकेयर और लाइफ साइंसेज सेक्टर में ऑपरेशंस का नेतृत्व किया है। जानकारों का मानना है कि उनका यह अनुभव Hexaware के सर्विस विस्तार में बड़ा योगदान दे सकता है।
ग्रोथ पर दबाव और चुनौतियां
यह बदलाव कंपनी के लिए एक चुनौतीपूर्ण समय में हो रहा है। हाल ही में Hexaware ने अपने 2026 के सालाना रेवेन्यू ग्रोथ टारगेट को घटाकर 6% से 7% कर दिया है, जो पहले 7.6% रहने का अनुमान था। आईटी इंडस्ट्री में क्लाइंट्स का बजट सावधानी के साथ खर्च हो रहा है, जिसका सीधा असर नई डील के रैंप-अप पर पड़ा है।
AI का बढ़ता प्रभाव
सेक्टर की अन्य कंपनियों की तरह, Hexaware पर भी अब AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के एडॉप्शन का दबाव है। हालांकि क्लाइंट्स डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की मांग कर रहे हैं, लेकिन निर्णय लेने की प्रक्रिया धीमी हुई है। अब निवेशकों की नजरें इस बात पर हैं कि नए CEO विवेक जेटली इस चुनौतीपूर्ण माहौल में डील एग्जीक्यूशन की रफ्तार कैसे बढ़ाते हैं और मार्जिन को कैसे सुरक्षित रखते हैं।
