16 सितंबर 2026 को बाजार में बिकवाली के चलते HFCL, Sterlite Technologies, HEG और MTAR Technologies के शेयर **5%** के लोअर सर्किट पर फंस गए हैं। इस गिरावट के पीछे प्रॉफिट बुकिंग और स्टॉक एक्सचेंज के T2T (Trade-to-Trade) नियमों का बड़ा असर है।
बुधवार, 16 सितंबर 2026 को शेयर बाजार में इन चार दिग्गज स्टॉक्स पर भारी दबाव देखने को मिला। खरीदारी नदारद होने के कारण HFCL, Sterlite Technologies, HEG और MTAR Technologies के शेयर दिनभर 5% के लोअर सर्किट पर ही जमे रहे।
क्यों आई इतनी बड़ी गिरावट?
ये गिरावट उस दौर के बाद आई है जब इन कंपनियों ने साल 2026 में निवेशकों को शानदार रिटर्न दिए थे। टेलिकॉम, ऑप्टिकल फाइबर और एडवांस्ड मैटेरियल्स सेक्टर में तेजी के चलते ये स्टॉक साल की शुरुआत से 200% से लेकर 700% तक का रिटर्न दे चुके थे। वैल्युएशन के अत्यधिक बढ़ने के बाद, अब निवेशक मुनाफे की वसूली (Profit Booking) कर रहे हैं, जिससे शेयरों में तेज गिरावट देखी जा रही है।
T2T नियमों का पेच
इन शेयरों में गिरावट को T2T (Trade-to-Trade) सेगमेंट के नियमों ने और गंभीर बना दिया है। इस सेगमेंट में इंट्राडे ट्रेडिंग की अनुमति नहीं होती और हर ट्रेड की डिलीवरी लेना अनिवार्य है। यह नियम सट्टेबाजी रोकने के लिए होता है, लेकिन बाजार के गिरते सेंटिमेंट में यह लिक्विडिटी को पूरी तरह खत्म कर देता है, जिससे सपोर्ट मिलने की संभावना कम हो जाती है और शेयर लोअर सर्किट पर अटक जाते हैं।
कंपनियों का हाल
HFCL: कंपनी अपनी ऑपरेशनल कैपेसिटी बढ़ाने के लिए करीब ₹1,800 करोड़ का निवेश कर रही है। हालांकि, इनके पास ₹21,000 करोड़ से ज्यादा का ऑर्डर बुक है, लेकिन अब मार्केट सिर्फ वादों पर नहीं, बल्कि प्रोजेक्ट्स के एग्जीक्यूशन और उससे आने वाले फाइनेंशियल नतीजों पर नजर रख रहा है।
HEG: हाल ही में कंपनी की कॉर्पोरेट रीस्ट्रक्चरिंग हुई है, जो 1 सितंबर 2026 से प्रभावी है। कंपनी के कारोबार का बंटवारा हुआ है, जिससे मार्केट में वैल्यूएशन को लेकर असमंजस है, जो शेयर में अस्थिरता पैदा कर रहा है।
फिलहाल, निवेशकों के लिए इन कंपनियों की ऑर्डर बुक का रेवेन्यू में बदलने की गति और रीस्ट्रक्चरिंग के बाद का प्रदर्शन मुख्य चिंता के विषय हैं।
