HCLTech ने अमेरिका में PERM प्रोग्राम सस्पेंशन के असर को मामूली बताया है। कंपनी का कहना है कि वे अब लोकल हायरिंग पर ज्यादा निर्भर हैं। इसी बीच कंपनी ने Q2 FY27 के नतीजे जारी किए हैं, जिसमें नेट प्रॉफिट **21.2%** बढ़कर आया है और रेवेन्यू **₹35,620 करोड़** रहा है।
मुनाफे में जोरदार बढ़त
कंपनी ने अपने Q2 FY27 के फाइनेंशियल नतीजों में दम दिखाया है। सालाना आधार पर नेट प्रॉफिट में 21.2% की शानदार तेजी दर्ज की गई है। कंपनी का रेवेन्यू भी 11.5% बढ़कर ₹35,620 करोड़ पहुंच गया है। इन नतीजों के साथ ही कंपनी ने निवेशकों के लिए ₹12 प्रति शेयर के इंटरिम डिविडेंड का ऐलान भी किया है और फाइनेंशियल ईयर 2027 के लिए रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस 2.5% से 4% के बीच बनाए रखा है।
PERM सस्पेंशन पर मैनेजमेंट का रुख
अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ लेबर द्वारा PERM प्रोग्राम सस्पेंशन के फैसले के बाद चर्चाएं तेज थीं, लेकिन HCLTech मैनेजमेंट ने साफ कर दिया है कि इससे कंपनी के कामकाज पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा। कंपनी का तर्क है कि वे लंबे समय से अमेरिका में लोकल टैलेंट को भर्ती करने पर जोर दे रहे हैं, जिससे उन्हें अब परमानेंट रेजिडेंसी के लिए पारंपरिक इमिग्रेशन रास्तों पर कम निर्भर रहना पड़ता है।
निवेशकों के लिए जोखिम?
भले ही कंपनी ने चिंताएं दूर करने की कोशिश की है, लेकिन यह सस्पेंशन IT सेक्टर के लिए एक अनिश्चितता तो पैदा करता है। खासकर उन कर्मचारियों के लिए, जिनका 6 साल का H-1B वीजा खत्म होने वाला है, ग्रीन कार्ड की प्रक्रिया मुश्किल हो सकती है। यदि यह रेगुलेटरी सख्ती लंबी खिंची, तो कंपनियों को रिटेंशन के लिए अधिक खर्च करना पड़ सकता है। निवेशकों की नजरें अब भविष्य के रेगुलेटरी अपडेट्स पर टिकी रहेंगी।
