HCL और Foxconn की जॉइंट वेंचर कंपनी 'India Chip' उत्तर प्रदेश में **₹3,700 करोड़** का बड़ा निवेश करने जा रही है। 2028 तक शुरू होने वाले इस प्लांट का लक्ष्य हर महीने **3.6 करोड़** डिस्प्ले ड्राइवर चिप्स का उत्पादन करना है, जो देश की **40%** घरेलू मांग को पूरा करेगा।
सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग की नई राह
HCL ग्रुप और Foxconn की साझेदारी वाली 'India Chip' ने उत्तर प्रदेश के जेवर में अपना OSAT (Outsourced Semiconductor Assembly and Test) प्लांट लगाने की पूरी तैयारी कर ली है। यह प्रोजेक्ट नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास स्थापित होगा, जिससे लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन की बाधाएं कम होंगी।
चिप्स की अहमियत और उत्पादन क्षमता
यह प्लांट स्मार्टफोन, लैपटॉप, टीवी और मेडिकल उपकरणों में इस्तेमाल होने वाले डिस्प्ले ड्राइवर चिप्स पर केंद्रित होगा। वर्तमान में भारत अपनी जरूरत का 80% से ज्यादा हिस्सा आयात करता है। इस प्लांट के जरिए कंपनी भारत की 40% घरेलू मांग को पूरा करने का लक्ष्य लेकर चल रही है।
चुनौतियां और बाजार की स्थिति
हालांकि यह प्रोजेक्ट भारत के सेमीकंडक्टर सेक्टर के लिए बड़ी उम्मीद है, लेकिन निवेशकों को इसके 'एक्जीक्यूशन रिस्क' पर नजर रखनी होगी। बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के लिए हाई-क्वालिटी इंफ्रास्ट्रक्चर और स्थिर पावर सप्लाई की जरूरत होती है। साथ ही, पूर्वी एशिया के ग्लोबल प्लेयर्स से मिलने वाली कीमत की प्रतिस्पर्धा एक बड़ी चुनौती होगी।
2028 तक प्रोडक्शन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। फिलहाल, इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स इस बात पर नजर गड़ाए हुए हैं कि कंपनी किस तरह रेगुलेटरी अप्रूवल और अन्य जरूरी सप्लाई चेन जैसे 'सब्सट्रेट' और 'स्पेशलिटी गैस' निर्माताओं को इस इकोसिस्टम में आकर्षित कर पाती है।
