Conversational AI फर्म Gupshup ने रियल एस्टेट डेवलपर्स के लिए एक नया 'एजेंटिक' (agentic) प्लेटफॉर्म पेश किया है। यह टूल WhatsApp और CRM के जरिए लीड क्वालिफिकेशन और कस्टमर सर्विस को पूरी तरह ऑटोमेट करेगा, जिससे सेल्स की रफ्तार बढ़ेगी और मार्केटिंग लागत में भारी कमी आएगी।
सेल्स की नई तकनीक
Gupshup का यह नया AI समाधान साधारण चैटबॉट्स से काफी अलग है। यह 'एजेंटिक' प्लेटफॉर्म ग्राहकों की जटिल पूछताछ—जैसे बजट, लोकेशन और यूनिट की उपलब्धता—को बखूबी समझ सकता है। इतना ही नहीं, यह सीधे WhatsApp और वॉयस चैनल के जरिए साइट विजिट भी शेड्यूल कर सकता है।
यह सिस्टम डेवलपर्स के मौजूदा बैकएंड, इन्वेंट्री और CRM सिस्टम के साथ रियल-टाइम में जुड़ जाता है। इससे AI ग्राहकों को क्वालिफाई करता है और पूरी तरह तैयार होने के बाद ही उन्हें ह्यूमन सेल्स टीम को ट्रांसफर करता है।
रियल एस्टेट में AI का असर
EY-Parthenon और CREDAI की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, AI को अपनाने वाली कंपनियां अपनी सेल्स वेलोसिटी (Sales Velocity) में 50% तक का सुधार देख सकती हैं। यही नहीं, कस्टमर एक्विजिशन कॉस्ट को 20% से 50% तक कम किया जा सकता है। रिपोर्ट का अनुमान है कि अगले 7 साल में रियल एस्टेट सेक्टर में AI के एकीकरण से इंडस्ट्री में $17 बिलियन तक की वैल्यू जुड़ सकती है।
चुनौतियां और जोखिम
हालांकि, तकनीक का फायदा आकर्षक है, लेकिन इसके साथ कुछ चुनौतियां भी हैं। डेवलपर्स को अपने पुराने CRM सिस्टम के साथ इस नए AI का तालमेल बिठाना होगा। सबसे बड़ी प्राथमिकता डेटा प्राइवेसी (Data Privacy) और क्षेत्रीय भाषाओं में सटीक बातचीत की होगी। अब निवेशकों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि बड़े डेवलपर्स इसे कितनी तेजी से अपनाते हैं और यह वास्तव में कन्वर्जन रेट (Conversion Rate) को कितना बढ़ा पाता है।
