गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल अमेरिका में Micron, Google और Perplexity AI जैसी बड़ी टेक कंपनियों के लीडर्स से मुलाकात कर रहे हैं, ताकि राज्य में टेक्नोलॉजी निवेश को आकर्षित किया जा सके। राज्य ने नई सपोर्ट स्कीम्स पेश की हैं, जिनमें चिप मैन्युफैक्चरिंग के लिए 12 घंटे की वर्क शिफ्ट और डेटा सेंटर पॉलिसी शामिल है, जिसका लक्ष्य 2027 के समिट से पहले औद्योगिक क्षमता बढ़ाना है।
गुजरात में टेक्नोलॉजी निवेश की बयार: CM पटेल अमेरिका में कर रहे बड़ी कंपनियों से मुलाकात
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल इस समय अमेरिका में एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं, जो 17 अगस्त से 24 अगस्त, 2026 तक चलेगा। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर में ग्लोबल निवेश को आकर्षित करना है, ताकि आगामी वाइब्रेंट गुजरात समिट 2027 के लिए माहौल तैयार किया जा सके।
मैन्युफैक्चरिंग के लिए खास सपोर्ट
इस बातचीत का एक अहम पहलू यह है कि राज्य हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग को सपोर्ट करने के लिए कितने सक्रिय कदम उठा रहा है। गुजरात सरकार ने हाल ही में सानंद स्थित Micron Technology की यूनिट के लिए 12 घंटे की वर्क शिफ्ट को आधिकारिक मंजूरी दी है। हालांकि हफ्ते भर में कुल काम के घंटे सीमित रहेंगे, लेकिन इस बदलाव से क्लीनरूम का लगातार संचालन संभव हो सकेगा, जो सेमीकंडक्टर उत्पादन के लिए बेहद जरूरी है। सानंद यूनिट ने 2026 की शुरुआत में ही कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू किया था, ऐसे में ये परिचालन संबंधी बदलाव कंपनी को अपनी उत्पादन क्षमता और मैन्युफैक्चरिंग साइकिल को बेहतर बनाने में मदद करेंगे।
डेटा सेंटर्स के लिए पॉलिसी का ढांचा
सिर्फ कंपनियों को सपोर्ट करने से आगे बढ़कर, राज्य डिजिटल इकोनॉमी के लिए एक व्यापक ढांचा तैयार कर रहा है। सरकार ने 'विकसित गुजरात डेटा सेंटर पॉलिसी 2026-29' लॉन्च की है, जिसका लक्ष्य 7.5 गीगावाट (GW) की हाइपरस्केल ग्रीन AI डेटा सेंटर क्षमता विकसित करना है। यह पॉलिसी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर्स और टेक कंपनियों को भारत में बड़े पैमाने पर AI ऑपरेशंस होस्ट करने के लिए एक दीर्घकालिक विजन प्रदान करती है। इसे औपचारिक रूप देकर, राज्य उन अड़चनों को कम करना चाहता है जो अक्सर बड़े डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में देरी का कारण बनती हैं।
AI और स्किल पार्टनरशिप
Google और Perplexity AI के साथ हुई चर्चाओं में AI इकोसिस्टम के विस्तार पर जोर दिया गया। राज्य ने 18 अगस्त, 2026 को Automation Anywhere के साथ एक एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए, जिसका फोकस लोकल वर्कफोर्स के लिए AI स्किल डेवलपमेंट और ट्रेनिंग पर रहेगा। Google के साथ हुई बातचीत में कृषि डेटा, जैसे मिट्टी और फसल पैटर्न, में AI के इस्तेमाल की संभावनाओं और सुरक्षित डेटा गवर्नेंस मॉडल को लागू करने पर भी चर्चा हुई। इन कोशिशों का मकसद पारंपरिक सेक्टर्स में AI टूल्स को एकीकृत करना है, जिससे राज्य के औद्योगिक आधार का विस्तार हो सके।
इंफ्रास्ट्रक्चर और सेक्टर के जोखिम
जहां एक ओर ये पहलें राज्य को टेक हब के तौर पर स्थापित करने का लक्ष्य रखती हैं, वहीं निवेशकों और जानकारों को इन सेक्टर्स से जुड़े जोखिमों पर भी ध्यान देना चाहिए। सेमीकंडक्टर और डेटा सेंटर इंडस्ट्रीज लगातार इंफ्रास्ट्रक्चर, खासकर स्थिर बिजली और पानी की सप्लाई पर बहुत अधिक निर्भर करती हैं। इन संसाधनों में किसी भी कमी से बड़े प्रोजेक्ट्स की व्यवहार्यता प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा, ग्लोबल सेमीकंडक्टर सेक्टर फिलहाल AI-स्पेसिफिक चिप्स पर बहुत केंद्रित है। यदि ग्लोबल लेवल पर AI हार्डवेयर की मांग धीमी हो जाती है, तो इस स्पेस में काम कर रही कंपनियों के लिए क्षमता या रेवेन्यू का दबाव बढ़ सकता है। इन प्रोजेक्ट्स की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि राज्य हाई-वॉल्यूम मैन्युफैक्चरिंग में कितना प्रभावी ढंग से परिवर्तन का प्रबंधन करता है और साथ ही विश्वसनीय यूटिलिटी सपोर्ट सुनिश्चित करता है।
आने वाले महीनों में हितधारकों के लिए मुख्य निगरानी बिंदु यह होगा कि 'विकसित गुजरात डेटा सेंटर पॉलिसी' कितनी तेजी से प्राइवेट कैपिटल को आकर्षित करती है और नई शिफ्ट नियमों के तहत सानंद फैसिलिटी में वास्तविक यूटिलाइजेशन रेट्स क्या रहते हैं।
