Fintech प्लेटफॉर्म Groww ने FY26 में **20.47 करोड़** SIPs प्रोसेस किए, जिनकी कुल वैल्यू **₹466 बिलियन** रही। **2.16 करोड़** एक्टिव यूजर्स के साथ, कंपनी भारत में नए SIP ग्रोथ का एक बड़ा हिस्सा बन गई है, खासकर छोटे शहरों के युवा निवेशकों की बदौलत।
Groww का पहला एनुअल रिपोर्ट: दमदार नतीजे
Fintech दिग्गज Groww ने अपने पहले एनुअल रिपोर्ट (Financial Year 2026) में भारतीय रिटेल निवेश स्पेस में अपनी मजबूत पकड़ दिखाई है। प्लेटफॉर्म ने इस दौरान 20.47 करोड़ सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIPs) प्रोसेस किए, जिनका कुल मूल्य ₹466 बिलियन रहा। FY26 के अंत तक, Groww अपने ग्राहकों के ₹2.96 लाख करोड़ के एसेट्स मैनेज कर रहा था और 2.16 करोड़ एक्टिव यूजर्स का बेस बना चुका था।
रोज हो रही ₹115 बिलियन की ट्रेडिंग
प्लेटफॉर्म की ग्रोथ में रोज की ट्रेडिंग एक्टिविटी का भी बड़ा योगदान रहा, जो FY26 में औसतन ₹115 बिलियन रही। आंकड़ों के मुताबिक, Groww ने FY17 से FY26 के बीच देश भर में हुए नए SIPs की सालाना बढ़ोतरी में लगभग आधा योगदान दिया है। साथ ही, इस अवधि में 1.58 करोड़ नए निवेशकों को कैपिटल मार्केट्स में लाने का श्रेय भी Groww को जाता है।
छोटे शहरों में बढ़ी पहुंच
Groww की सफलता का एक अहम कारण है इसकी पहुंच। प्लेटफॉर्म ने भारत के 97% पोस्टल कोड तक अपनी सेवाएं फैलाई हैं, और इसके 84% एक्टिव यूजर्स देश के टॉप 6 बड़े शहरों के बाहर से हैं। इससे युवा पीढ़ी को बाजार में लाना आसान हुआ है, जहां FY26 में ऑनबोर्ड हुए 70% नए यूजर्स की उम्र 35 साल से कम थी। महिलाओं की भागीदारी भी बढ़ी है, जो नए इक्विटी मार्केट में प्रवेश करने वालों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहीं।
मल्टी-प्रोडक्ट अप्रोच पर फोकस
यूजर्स को जोड़े रखने के लिए, Groww केवल एक तरह के निवेश पर निर्भर रहने के बजाय मल्टी-प्रोडक्ट अप्रोच अपना रहा है। प्लेटफॉर्म के करीब 68% यूजर्स अब म्यूचुअल फंड, इक्विटी, ETF और लेंडिंग जैसी विभिन्न फाइनेंशियल सर्विसेज का इस्तेमाल कर रहे हैं। यह स्ट्रैटेजी लंबी अवधि के जुड़ाव में कारगर साबित हुई है, जहां मल्टी-प्रोडक्ट यूजर्स की रिटेंशन रेट 91% (36 महीने की अवधि में) रही, जबकि सिंगल प्रोडक्ट यूजर्स की यह दर 81% थी।
भविष्य की योजनाएं और टेक्नोलॉजी
आगे चलकर, Groww वेल्थ मैनेजमेंट और टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने पर जोर दे रहा है। इसमें 'W' (वेल्थ मैनेजमेंट) और 'MF Prime' जैसे स्पेशलाइज्ड प्लेटफॉर्म का विस्तार शामिल है। कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को पर्सनलाइज्ड इन्वेस्टमेंट सॉल्यूशंस में इंटीग्रेट करके और बॉन्ड जैसे प्रोडक्ट्स में डाइवर्सिफाई करके लंबी अवधि की वेल्थ एक्युमुलेशन की ओर बढ़ रही है। निवेशकों की नजर रहेगी कि ये नई प्रोडक्ट लाइन्स और AI-संचालित पहलें प्लेटफॉर्म की ऑपरेशनल कॉस्ट और यूजर एक्विजिशन एफिशिएंसी को कैसे प्रभावित करती हैं, खासकर फिनटेक प्लेटफॉर्म्स के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा को देखते हुए।
