Greenko के संस्थापकों के वेंचर, AM Intelligence ने **$4 बिलियन** (करीब **₹33,500 करोड़**) का एक बड़ा सौदा किया है। कंपनी ने **20,000 Nvidia Vera Rubin** चिप्स का ऑर्डर दिया है ताकि **2027** के मध्य तक **70MW** की कंप्यूट क्षमता तैयार की जा सके। ध्यान दें कि AM Intelligence एक प्राइवेट कंपनी है, जिसका कोई पब्लिक स्टॉक उपलब्ध नहीं है।
एनर्जी और AI का मेल
AM Intelligence (AMI) की रणनीति 'इलेक्ट्रॉन्स-फॉर-टोकन्स' (electrons-for-tokens) पर टिकी है। कंपनी का लक्ष्य अपने हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूट क्लस्टर्स को AM Green और Greenko के रिन्यूएबल एनर्जी और स्टोरेज सॉल्यूशंस से पावर देना है। डेटा सेंटर्स में बिजली का खर्च सबसे बड़ा होता है, और रिन्यूएबल एनर्जी का उपयोग करके कंपनी मार्केट में काफी कॉम्पिटिटिव 'Compute-as-a-Service' मॉडल पेश करना चाहती है। कंपनी का लक्ष्य 2030 तक 1GW की कुल कंप्यूट क्षमता और 5GW के पावर्ड डेटा सेंटर बनाने का है।
पूंजी की जरूरत और मार्केट रिस्क
यह विस्तार जितना बड़ा है, इसके लिए उतनी ही भारी पूंजी की भी जरूरत है। आने वाले 15 महीनों में 300MW की अतिरिक्त क्षमता जुटाने के लिए कंपनी को बड़े पैमाने पर फंड जुटाना होगा। निवेशकों के लिए यहां रिस्क 'नियो-क्लाउड' (neocloud) प्लेयर्स जैसा है, जहां रेवेन्यू आने से पहले भारी निवेश की जरूरत होती है। इसके अलावा, AI हार्डवेयर में चिप्स के पुराने होने (rapid depreciation) और भारी कर्ज का जोखिम भी बना हुआ है।
भारतीय डेटा सेंटर सेक्टर पर असर
भले ही AM Intelligence एक प्राइवेट कंपनी है और इसमें सीधे निवेश का मौका नहीं है, लेकिन यह भारत के पूरे डेटा सेंटर सेक्टर के लिए एक बड़ा संकेत है। भारत का डेटा सेंटर मार्केट 2030 तक 1.2GW से बढ़कर 10GW तक पहुंचने का अनुमान है। इस दौड़ में Reliance Industries, Adani Group और Tata Group जैसे दिग्गज पहले से ही बड़ी डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं चला रहे हैं। AMI की एंट्री से महाराष्ट्र, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में सॉवरेन AI इंफ्रास्ट्रक्चर की प्रतिस्पर्धा और तेज होने वाली है।
