Google ने अपने DeepMind क्लाइमेट एक्सेलरेटर प्रोग्राम के लिए चार भारतीय स्टार्टअप्स—Terrastack, Varaha Climate, Farmers for Forests और Climitra Carbon को चुना है। हालांकि कंपनी रिन्यूएबल एनर्जी में भी निवेश बढ़ा रही है, लेकिन निवेशकों की चिंता पैरेंट कंपनी Alphabet के नेगेटिव फ्री कैश फ्लो और बढ़ते AI खर्चों को लेकर बढ़ गई है।
स्टार्टअप्स को मिला Google का साथ
Google ने भारत में अपने तीन महीने के 'डीपमाइंड क्लाइमेट एक्सेलरेटर' प्रोग्राम की शुरुआत की है। इसमें चुनी गई चार कंपनियां—Terrastack, Varaha Climate, Farmers for Forests और Climitra Carbon—को Google के एडवांस्ड AI टूल्स और मेंटरशिप का फायदा मिलेगा। ये स्टार्टअप्स प्रिसिजन एग्रीकल्चर, कार्बन मार्केट और फॉरेस्ट्री जैसे क्षेत्रों में काम कर रहे हैं।
क्लीन एनर्जी पर फोकस
कंपनी केवल AI ही नहीं, बल्कि सोलर इंफ्रास्ट्रक्चर में भी पैर पसार रही है। Google ने ReNew Power के साथ मिलकर राजस्थान में 150 मेगावाट का सोलर प्रोजेक्ट साइन किया है। इसके अलावा, कंपनी अपनी Solar API के जरिए 30 करोड़ छतों के लिए सोलर पोटेंशियल का सर्वे करने की तैयारी कर रही है।
निवेशकों के लिए चिंता का विषय
इन सब के बीच, Alphabet के फाइनेंशियल हेल्थ पर सवाल उठ रहे हैं। साल 2026 में कंपनी का फ्री कैश फ्लो 20 साल में पहली बार नेगेटिव रहा है। इसकी मुख्य वजह AI डेटा सेंटर्स और हार्डवेयर पर किया जा रहा भारी निवेश है। निवेशक अब यह देख रहे हैं कि क्या यह बड़ा निवेश भविष्य में मोटा मुनाफा देगा, या कंपनी का कैश रिजर्व इसी तरह दबाव में बना रहेगा। मार्केट अब कंपनी की अगली क्वार्टरली रिपोर्ट्स पर नजरें टिकाए हुए है।
