Google Pay ने अपने ग्राहकों को खास सुविधा दी है। कंपनी ने 'Ask Google Pay' नाम से एक नया AI असिस्टेंट लॉन्च किया है, जो Gemini AI पर बेस्ड है। यह असिस्टेंट आपके खर्चों का विश्लेषण करेगा और मुश्किल फाइनेंशियल कॉन्सेप्ट्स को आसान भाषा में समझाएगा। सबसे खास बात ये है कि यह 10 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है।
अब आपकी जेब में होगा फाइनेंसियल एक्सपर्ट!
Google Pay ने 'Ask Google Pay' नाम से एक नया फीचर लॉन्च किया है, जो Gemini AI की मदद से काम करता है। यह आपके फाइनेंसियल डेटा को समझने और उसका विश्लेषण करने में आपकी मदद करेगा। आप इस असिस्टेंट से अपने ट्रांजैक्शन हिस्ट्री, खर्च करने के पैटर्न और क्रेडिट स्कोर के बारे में सवाल पूछ सकते हैं, चाहे वो लिखकर हो या बोलकर। कंपनी ने इसे 10 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध कराया है, ताकि देश के ज्यादा से ज्यादा लोग इसका फायदा उठा सकें।
AI से सीखें फाइनेंस के गुर
यह AI सिर्फ आपके खर्चों का हिसाब-किताब रखने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह एक एजुकेटर की तरह भी काम करेगा। यह SIP (सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान), कंपाउंडिंग इंटरेस्ट के असर और अलग-अलग टैक्स रेजीम के बारे में आसान शब्दों में जानकारी देगा। Google का कहना है कि इस फीचर का मकसद लोगों की फाइनेंशियल लिटरेसी बढ़ाना है, और प्राइवेसी का खास ध्यान रखते हुए AI आपके ट्रांजैक्शन डेटा को मैनेज करेगा।
पेमेंट से आगे, अब फाइनेंसियल हब बनने की तैयारी
डिजिटल पेमेंट इंडस्ट्री में यह एक बड़ा कदम है, जहां प्लेटफॉर्म्स खुद को सिर्फ पेमेंट ऐप से आगे बढ़कर एक कंप्लीट फाइनेंसियल हब के रूप में पेश कर रहे हैं। Google Pay आपकी खर्च करने की आदतों के आधार पर क्रेडिट कार्ड जैसे पर्सनलाइज्ड प्रोडक्ट सुझाव भी देगा। यह कदम कंपनी के उस प्लान का हिस्सा है जिसके तहत वह अपने रेवेन्यू को डायवर्सिफाई करना चाहती है, जैसे कि हाल ही में Google Pay Flex SBI Card जैसे को-ब्रांडेड क्रेडिट कार्ड लॉन्च करना।
रेगुलेटरी और कॉम्पिटिशन पर नजर
इस नई सुविधा की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि AI कितने भरोसेमंद तरीके से सेंसिटिव फाइनेंसियल डेटा को हैंडल करता है और यूजर का भरोसा बनाए रखता है। जैसे-जैसे ये डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म्स फाइनेंसियल सर्विस एग्रीगेटर बन रहे हैं, उन्हें डेटा प्राइवेसी, प्रोडक्ट मिस-सेलिंग और फिनटेक स्पेस में कॉम्पिटिटिव प्रैक्टिसेज को लेकर रेगुलेटर्स की कड़ी निगरानी का सामना करना पड़ रहा है। अब देखना यह होगा कि कितने लोग इन AI फीचर्स को अपनाते हैं और यह कंपनी के लिए लोन और इंश्योरेंस जैसे प्रोडक्ट्स को क्रॉस-सेल करने में कितनी मददगार साबित होती है, जो डिजिटल पेमेंट्स में लॉन्ग-टर्म प्रॉफिटेबिलिटी के लिए अहम हैं।
