Alphabet ने Chrome के लिए नया फीचर पेश किया है। अब Gemini AI की मदद से वेब फॉर्म खुद भर जाएंगे, क्योंकि ब्राउज़र आपके Gmail डेटा का इस्तेमाल करेगा। यह अपडेट फिलहाल अमेरिका में रोलआउट हो रहा है।
ऑटो-फिल का स्मार्ट तरीका
Google ने अपने Chrome ब्राउज़र के लिए एक नया AI-पावर्ड फीचर लॉन्च किया है, जो ऑनलाइन फॉर्म भरने के झंझट को खत्म कर देगा। Gemini AI की मदद से यह टूल आपके Gmail इनबॉक्स को स्कैन करेगा और फ्लाइट बुकिंग डिटेल्स, पार्सल ट्रैकिंग नंबर और मेंबरशिप आईडी जैसी जानकारी को वेब फॉर्म्स में अपने आप भर देगा। इसका मुख्य मकसद ब्राउज़िंग के अनुभव को और तेज़ और सहज बनाना है।
गूगल की रणनीति
इस अपडेट के पीछे कंपनी का मुख्य उद्देश्य Google इकोसिस्टम में यूज़र की 'स्टिकिनेस' (stickiness) को बढ़ाना है। Apple के Safari और Microsoft के Edge जैसे ब्राउज़र से मिल रही कड़ी टक्कर के बीच, गूगल इस सुविधा के ज़रिए यूज़र्स को अपने प्लेटफॉर्म पर बनाए रखने की कोशिश कर रहा है।
प्राइवेसी और रिस्क फैक्टर
सुरक्षा के लिहाज़ से, Google ने इसे 'ऑप्ट-इन' (opt-in) मॉडल रखा है। यानी, जब तक यूज़र खुद Chrome सेटिंग्स में जाकर इसे एक्टिवेट नहीं करेंगे, तब तक ब्राउज़र ईमेल डेटा का उपयोग नहीं कर पाएगा। कंपनी का दावा है कि प्रोसेस की गई सारी जानकारी एन्क्रिप्टेड (encrypted) है।
निवेशकों के लिए, यह कदम जनरेटिव AI को उपभोक्ता ऐप्स में शामिल करने की गूगल की आक्रामक नीति को दर्शाता है। हालांकि, इतने बड़े स्तर पर डेटा इंटीग्रेशन से रेगुलेटरी (regulatory) जांच का खतरा भी बना रहता है। Alphabet पहले से ही दुनिया भर में एंटी-ट्रस्ट (antitrust) जांच का सामना कर रही है, इसलिए प्राइवेसी पर किसी भी नई हलचल को रेगुलेटर्स बारीकी से देख रहे हैं। फिलहाल यह सुविधा सिर्फ अमेरिका तक सीमित है, और भविष्य में इसके ग्लोबल रोलआउट पर नज़र रहेगी।
