व्हाइट हाउस ने अपने सरकारी कामकाज को आसान बनाने के लिए America.gov पोर्टल लॉन्च किया है, जो Google के AI मॉडल 'Gemini' पर आधारित है। यह Alphabet के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, लेकिन AI की सटीकता को लेकर चिंताएं भी बढ़ गई हैं।
व्हाइट हाउस ने आधिकारिक तौर पर America.gov लॉन्च किया है, जिसका मकसद हजारों सरकारी वेबसाइटों को एक ही प्लेटफॉर्म पर लाकर सेवाओं को स्ट्रीमलाइन करना है। गूगल के लिए यह एक हाई-प्रोफाइल जीत है, क्योंकि इससे साबित होता है कि उनकी टेक्नोलॉजी पब्लिक सेक्टर के बेहद संवेदनशील कामों को संभालने में सक्षम है।\n\n### AI की रेस में गूगल की बड़ी चाल\nमार्केट में Microsoft और OpenAI की जोड़ी सरकारी प्रोजेक्ट्स में काफी सक्रिय रही है। इस कॉन्ट्रैक्ट को हासिल करके, Google ने खुद को एक मजबूत दावेदार के रूप में पेश किया है। यदि यह प्रोजेक्ट सफल रहता है, तो दुनिया भर की अन्य सरकारों के साथ बड़े सौदे करने के लिए Alphabet के पास एक शानदार 'केस स्टडी' तैयार हो जाएगी।\n\n### क्या हैं बड़े रिस्क?\nहालांकि, यह कदम अपने साथ भारी ऑपरेशनल रिस्क भी लेकर आया है। America.gov पर टैक्स फाइलिंग, सोशल वेलफेयर और वीजा जैसे संवेदनशील काम होंगे। निवेशकों और एक्सपर्ट्स के मन में सबसे बड़ा डर AI के 'हैलुसिनेशन' (Hallucination) का है—यानी जब AI पूरी तरह विश्वास के साथ गलत जानकारी दे देता है।\n\nअगर पोर्टल डेडलाइन या पात्रता के नियमों को लेकर गलत जानकारी देता है, तो नागरिकों को कानूनी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। फिलहाल निवेशकों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह सिस्टम सरकारी डेटा के साथ खुद को सटीक साबित कर पाएगा। यदि इसमें कोई बड़ी चूक सामने आती है, तो पब्लिक सेक्टर में AI के इस्तेमाल पर रेगुलेटरी सख्ती बढ़ सकती है, जो भविष्य में इन कंपनियों की ग्रोथ पर असर डाल सकती है।
