Google ने BeyondTrust के रिमोट एक्सेस सॉफ्टवेयर में एक गंभीर सिक्योरिटी खामी पकड़ी है, जिसका फायदा चीन से जुड़े हैकर्स उठा चुके हैं। यह घटना आईटी कंपनियों के लिए सप्लाई चेन सिक्योरिटी के जोखिमों को उजागर करती है।
क्या है पूरा मामला?
Google की सिक्योरिटी टीम ने BeyondTrust के रिमोट सपोर्ट डिवाइसेज में एक हाई-प्रायोरिटी खामी का पता लगाया है। इन टूल्स का इस्तेमाल दुनिया भर की आईटी टीमें रिमोटली डिवाइस मैनेज करने के लिए करती हैं। रिसर्चर्स के मुताबिक, Armory Castle नाम के एक हैकिंग ग्रुप ने अगस्त महीने में इस खामी का फायदा उठाकर सिस्टम्स का अनऑथोराइज्ड एडमिन एक्सेस हासिल कर लिया था।
आईटी सेक्टर के लिए जोखिम
यह कमजोरी हैकर्स को क्रेडेंशियल्स चुराने, संदिग्ध फाइलें अपलोड करने और सिस्टम का पूरा कंट्रोल लेने की छूट देती है। भारतीय आईटी सेक्टर के निवेशकों के लिए यह खबर काफी अहम है, क्योंकि हमारे यहां की दिग्गज आईटी कंपनियां दुनियाभर में बड़े क्लाइंट्स का इंफ्रास्ट्रक्चर मैनेज करती हैं। वे रोजमर्रा के काम के लिए कई थर्ड-पार्टी टूल्स पर निर्भर हैं। अगर इन टूल्स में सुरक्षा चूक होती है, तो यह सीधे तौर पर सप्लाई चेन रिस्क बन जाता है।
निवेशकों को क्या देखना चाहिए?
फिलहाल, दुनियाभर की कंपनियां इस खामी को दूर करने (पैचिंग) में जुटी हैं। निवेशकों को इस बात पर गौर करना चाहिए कि प्रमुख आईटी कंपनियां अपने सॉफ्टवेयर वेंडर रिस्क को कैसे मैनेज कर रही हैं। किसी भी कंपनी की ऑपरेशनल क्वालिटी और रिस्क मैनेजमेंट का पता इस बात से चलता है कि वह ऐसे साइबर खतरों को कितनी जल्दी पहचानती है और उन पर कितनी तेजी से एक्शन लेती है।
