Google DeepMind के को-फाउंडर Shane Legg ने एक नए इंस्टीट्यूट की शुरुआत की है, जिसका मकसद AI का जिम्मेदार विकास सुनिश्चित करना है। उन्होंने चेतावनी दी है कि तकनीकी दौड़ में सुरक्षा से समझौता करना घातक हो सकता है।
सुरक्षा बनाम तेजी की जंग
16 सितंबर, 2026 को Shane Legg ने 'DeepMind Institute' का ऐलान किया। इस पहल का नेतृत्व खुद Legg, Demis Hassabis और James Manyika कर रहे हैं। इसका मुख्य फोकस Artificial General Intelligence (AGI) के सामाजिक और नीतिगत प्रभावों को समझना है, यानी उस स्तर तक पहुंचना जहां मशीनें इंसान जैसी बुद्धि का प्रदर्शन कर सकें।
Legg का साफ कहना है कि AGI की दौड़ में सुरक्षा फ्रेमवर्क को दरकिनार नहीं किया जा सकता। यह कदम तब उठाया गया है जब AI मॉडल्स बिना किसी मानवीय निगरानी के जटिल सॉफ्टवेयर लिखने जैसे काम खुद करने लगे हैं, जिससे कार्यक्षमता तो बढ़ी है, लेकिन अस्थिरता का खतरा भी पैदा हुआ है।
कंपनियों के बीच बढ़ती दरार
AI सेक्टर में दो स्पष्ट खेमे बन गए हैं। जहां Nvidia और OpenAI जैसे दिग्गजों के अधिकारी मान रहे हैं कि AGI हासिल किया जा चुका है, वहीं Shane Legg इसे जल्दबाजी करार देते हैं। Legg का अनुमान है कि 50% संभावना है कि 2028 तक ही 'न्यूनतम AGI' का स्तर हासिल हो पाएगा। यह मतभेद केवल एकेडमिक नहीं है, बल्कि यह तय करता है कि कंपनियां अपने रिसोर्सेज, टेस्टिंग और निवेशकों के साथ कम्युनिकेशन कैसे करेंगी।
निवेशकों के लिए क्या है जोखिम?
बाजार के लिए यह स्थिति उलझन भरी है। Alphabet (Google), Microsoft, और Nvidia जैसी कंपनियां इनोवेशन और सुरक्षा के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही हैं। सबसे बड़ा रिस्क यह है कि बाजार में 'सबसे पहले' पहुंचने के दबाव में कंपनियां सुरक्षा से समझौता कर सकती हैं। अगर कोई AI सिस्टम अनियंत्रित होकर गलत परिणाम देता है, तो सरकारी सख्ती पूरे सेक्टर को ठप कर सकती है।
आने वाले समय में निवेशकों को देखना होगा कि बड़ी AI लैब्स अपने मॉडल रिलीज शेड्यूल को कैसे बदलती हैं और क्या सरकारें सुरक्षा को प्राथमिकता देने वाली कंपनियों को विशेष तरजीह देती हैं। अब मुकाबला सिर्फ हार्डवेयर की ताकत का नहीं, बल्कि 'सबसे भरोसेमंद सिस्टम' बनाने का है।
