Google Cloud ने अपने 'Build with Gemini' प्रोग्राम के तहत भारत के **1,00,000** से ज्यादा सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स को सर्टिफाई किया है। TCS, Infosys और Wipro जैसी बड़ी कंपनियों के साथ हुई इस ट्रेनिंग का मकसद AI सर्विसेज को बड़े स्तर पर ले जाना और हाई-वैल्यू कॉन्ट्रैक्ट्स हासिल करना है।
IT सेक्टर की नई चाल
यह ट्रेनिंग सिर्फ एक स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम नहीं, बल्कि ग्लोबल IT मार्केट में अपनी स्थिति मजबूत करने की एक सोची-समझी रणनीति है। अब बड़ी कंपनियां जैसे TCS, Infosys, Wipro, Cognizant, और HCLTech महज सॉफ्टवेयर मेंटेनेंस तक सीमित नहीं रहना चाहतीं। इनका फोकस अब बड़े क्लाइंट्स के लिए प्रोडक्शन-रेडी AI सिस्टम तैयार करने पर है। Gemini के जरिए ये कंपनियां जटिल AI-बेस्ड सिस्टम बनाकर बेहतर बिलिंग रेट्स हासिल करने की कोशिश में हैं।
मार्जिन और मुनाफे पर असर
निवेशकों को यह समझना होगा कि इस तरह के बड़े पैमाने पर अपस्किलिंग प्रोग्राम में काफी लागत आती है। हालांकि, यह मानव पूंजी (Human Capital) में किया गया एक निवेश है, लेकिन आने वाली तिमाहियों में कंपनी के ऑपरेटिंग एक्सपेंस में इसका असर दिख सकता है।
आगे क्या देखें?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या यह ट्रेनिंग डिमांड के साथ तालमेल बिठा पाएगी? यदि क्लाइंट्स AI पर निवेश में देरी करते हैं, तो यह ट्रेनिंग कॉस्ट कंपनी के मुनाफे (Margins) पर दबाव डाल सकती है। निवेशकों को आगामी 'Earnings Calls' में मैनेजमेंट की कमेंट्री पर नजर रखनी चाहिए कि कैसे ये कंपनियां इन AI स्किल्स को रियल 'डील विन्स' (Deal Wins) में बदल रही हैं।
