Google Cloud ने भारतीय बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए Marketplace पर **200** से ज्यादा थर्ड-पार्टी AI मॉडल्स को जोड़ दिया है। यह कदम कंपनियों को AI प्रोजेक्ट्स को पायलट स्टेज से प्रोडक्शन तक ले जाने में मदद करेगा।
अब कंपनियों की पसंद के अनुसार AI
Google Cloud ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव करते हुए 'Model Garden' का विस्तार किया है। अब भारतीय एंटरप्राइजेज के पास सिर्फ Google की Gemini सीरीज तक ही सीमित रहने की मजबूरी नहीं होगी। वे अपनी जरूरत के हिसाब से 200 से ज्यादा मॉडल्स में से चुनाव कर सकेंगे, जिससे लागत और स्पीड के मामले में बेहतर कंट्रोल मिलेगा।
प्रोडक्शन लेवल पर मदद
मार्केट की मैच्योरिटी को देखते हुए, Google ने अपने 'Forward-Deployed Engineer' प्रोग्राम को भी बढ़ाया है। ये एक्सपर्ट्स अब क्लाइंट्स के साथ मिलकर काम करेंगे ताकि सप्लाई चेन मैनेजमेंट और ऑटोमेशन जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स में आने वाली तकनीकी बाधाओं को दूर किया जा सके।
क्लाउड सेक्टर में बढ़ती जंग
भारत के क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर मार्केट में मुकाबला तेज हो गया है। Alphabet की यह कोशिश है कि वह खुद को एक 'प्लेटफॉर्म-अग्नोस्टिक' (platform-agnostic) प्लेयर के तौर पर पेश करे, ताकि कंपनियां आसानी से Google के इकोसिस्टम से जुड़ सकें। यह 'stickiness' कंपनी के रेवेन्यू ग्रोथ के लिए लॉन्ग-टर्म में बेहद जरूरी है।
अब निवेशकों की नजरें इस बात पर हैं कि यह नई रणनीति Amazon Web Services (AWS) और Microsoft Azure जैसे दिग्गजों के सामने Google Cloud की हिस्सेदारी को कितना और तेजी से बढ़ा पाती है।
