Google ने यूरोपीय संघ (EU) के उस आदेश को कानूनी चुनौती दी है, जिसमें कंपनी को अपना सर्च डेटा शेयर करने और Android प्लेटफॉर्म को प्रतिस्पर्धियों के लिए खोलने को कहा गया था।
कानूनी लड़ाई का मुख्य कारण
Google ने European Commission के उस निर्देश के खिलाफ औपचारिक अपील दायर की है, जो यूरोपीय संघ के 'डिजिटल मार्केट्स एक्ट' (DMA) के तहत जारी किया गया था। यदि यह आदेश लागू होता है, तो Google को अपना सर्च डेटा प्रतिद्वंद्वी सर्च इंजनों के साथ साझा करना होगा और अपने Android इकोसिस्टम में बड़े बदलाव करने होंगे।
प्राइवेसी और सुरक्षा का मुद्दा
Google का कहना है कि EU का यह आदेश यूजर्स की प्राइवेसी के लिए खतरा है। कंपनी के मुताबिक, इस डेटा को साझा करने से मेडिकल क्वेरी और सर्च हिस्ट्री जैसी संवेदनशील जानकारी लीक हो सकती है। इसके अलावा, कंपनी ने तर्क दिया है कि Android पहले से ही एक खुला प्लेटफॉर्म है और नए बदलावों से इसके सुरक्षा आर्किटेक्चर को नुकसान पहुंच सकता है।
निवेशकों पर क्या होगा असर?
यह मामला Alphabet के निवेशकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि सर्च और Android ही कंपनी के विज्ञापन (Advertising) रेवेन्यू के मुख्य स्रोत हैं। किसी भी तरह का रेगुलेटरी दबाव कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन और मार्केट शेयर पर लंबे समय तक असर डाल सकता है। इससे पहले 2018 में, Android मामले में EU ने Google पर करीब €4.3 बिलियन का भारी-भरकम जुर्माना लगाया था।
बाजार का भविष्य
DuckDuckGo जैसे छोटे सर्च इंजन लंबे समय से डेटा एक्सेस की मांग कर रहे हैं ताकि बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ सके। यह कानूनी लड़ाई आने वाले सालों में डिजिटल बाजार के नियम तय करेगी, जिस पर निवेशकों की नजरें टिकी हुई हैं।
